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अजादी के बाद से आज तक घोड़ों खच्चरों के सहारे पटरी पर दर्जनों गाँवों की डेली लाइफ – चमोली

अजादी के बाद से आज तक घोड़ों खच्चरों के सहारे पटरी पर दर्जनों गाँवों की डेली लाइफ, 

बर्फबारी के बाद मीलों पैदल चलकर पहुच रहे जोशीमठ मुख्यालय, 

नवीन भंडारी डुमक,कलगोठ,जोशीमठ, 

चीन तिब्बत सीमा से सटे सीमांत विकास खंड जोशीमठ के दुरस्त गाँवों में अब बर्फ पिघलने की बाद ग्रामीण खाद्यान और राशन के लिए घरों से बाहर निकलने लगे है,कई गाँव ऐसे है जहाँ अजादी से अब तक सड़क नही बन सकी ऐसे गाँव के लोगों को सबसे जयदा मुश्किल का सामना करना पढ़ रहा है, ग्रामीण 15किलोमीटर बर्फ में तक पैदल चल कर जोशीमठ पहुच रहे तो कही आवाजाही के साधन बाधित होने से लोग घोड़ों और खच्चरों के सहारे खाद्य आपूर्ति हेतु मीलों पैदल चलने को मजबूर है, अभी भी 35गाँव का संपर्क जोशीमठ मुख्यालय से कटा है,छेत्र के दुरस्त गाँव दुमक कलघोठ, सहित पल्ला किमाना झखोला,मोल्टा गनाई सुभाई,भलगाँव,थेंग,तुगासी,और कल्प घाटी के दर्जनों गाँव में भारी हिमपात होने से अभी भी पैदल मार्ग बर्फ से लबालब है ऐसे में मुख्य सड़क तक पहुचने में ही लोगों को पूरा दिन लग जा रहा है,कई गाँव में राशन केरोसीन और अन्य जरूरी चीजो का अभाव होने के कगार पर है,अब यहाँ की लाइफ लाइन घोड़ों और खच्चरों पर टिकी है,

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