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केंसर रोग उपचार की राष्ट्रीय सेमीनार में नवग्रह माॅडल को मिली मान्यता-भीलवाड़ा

केंसर रोग उपचार की राष्ट्रीय सेमीनार में नवग्रह माॅडल को मिली मान्यता

जागरूकता व परहेज से कैंसर से हो सकता है बचाव

कैंसर के उपचार का बाजारीकरण है घातक, रोगी के साथ संवेदना व जागरूकता जरूरी- हंसराज चोधरी

कैसर जीवन में अध्याय है न कि पूरी कहानी

भीलवाड़ा-मूलचन्द पेसवानी 

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के तत्वावधान में नईदिल्ली में गुरूवार को देर सांय संपन्न हुई इंटीग्रेटेड कैंसर प्रोग्राम की नेशनल सेमीनार में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में भीलवाड़ा जिले के श्री नवग्रह आश्रम संस्थापक हंसराज चोधरी ने कहा कि केंसर रोग के उपचार को काॅर्पोरेट चिकित्सा संस्थानों ने एक हौवा बना दिया है जबकि परहेज व जागरूकता से इसका उपचार आज भी आयुर्वेद से संभव है। केंसर उपचार को बाजारीकरण कर काॅर्पोरेट चिकित्सा संस्थानों ने एक प्रकार से इस रोग का इतना डर आम आदमी के मन में बैठा दिया है कि उपचार कराते कराते परिवार तबाह होकर तनवग्रस्त हो जाता है तथा रोग का उपचार भी संभव नहीं है। केन्द्र सरकार ने भी अब तक केंसर का उपचार करने में आज भी अपना लोहा मनवाने वाली आयुर्वेद चिकित्सा पद्वति को दोयम दर्ज का मान रखा है तभी तो इस पद्वति को वैकल्पिक चिकित्सा पद्वति मानकर केंद्र सरकार बजट में नगण्य राशि का आवंटन कर रखा है। नवग्रह आश्रम के संस्थापक हंसराज चोधरी ने दावा किया कि केंसर रोग का उपचार आयुर्वेद व वानस्पिक चिकित्सा पद्वति से आज भी संभव है। केंद्र सरकार से बिना किसी राजकीय सहायता के भी नवग्रह आश्रम में प्रति सप्ताह दो हजार से ज्यादा केंसर रोगी पहुंच कर निःशुल्क दवा प्राप्त कर रहे है। यहां की चिकित्सा पद्वति को अपनाकर पूर्ण परहेज करने वाले 60 फीसदी रोगी ठीक हो रहे है। 

हंसराज चोधरी ने सेमीनार में श्री नवग्रह आश्रम के द्वारा केंसर उन्मूलन के लिए किये जा रहे आश्रम के कार्यो, यहां की चिकित्सा पद्वति, केंसर जागरूकता कार्यक्रम, केंसर सैनिक निर्माण योजना, औषधीय पौधों का सरंक्षण कर देश की सबसे बड़ी तैयार की गयी नवग्रह आश्रम हर्बल वाटिका के बारे में विस्तार से अपना माॅडल पेश किया तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। हंसराज चोधरी ने केंसर उपचार के बारे में नवग्रह माडल को पेश करते हुए कहा कि उनके द्वारा शोध करके आयुर्वेद कीमो, औषधिय पौधों का स्वरस तैयार किया है जो शरीर विज्ञान के अनुरूप् रोगी को दिया जा रहा है। चोधरी ने जब बताया कि उनके आश्रम में वर्तमान में 418 प्रकार के औषधीय पौधों का संरक्षण किया जा रहा है तथा स्वरस में उनका उपयोग भी रोगियों के लिए होता है तो सेमीनार के अधिकांश लोगों ने खड़े होकर उनका सम्मान किया। इस दौरान नवग्रह आश्रम आयुर्वेद का हिमालय है का जयघोष हुआ। 

हंसराज चोधरी ने कहा कि आज के युग में कैंसर का इलाज आयुर्वेद से संभव है और कैंसर से बीमार लोग भी सामान्य जीवन जी सकते हैं। कैंसर पीड़ित के लिए नवग्रह आश्रम द्वारा फ्री इलाज की व्यवस्था है। जरूरत है कैंसर बारे में देश व्यापी जागरूकता की। चोधरी ने कहा कि केंसर रोगियों के उपचार के लिए नवग्रह आश्रम माॅडल आज कारगर सिद्व हो रहा है, इसका लाभ देश ही नहीं दुनियां के कई देशों के रोगी आश्रम पहुंच कर लाभान्वित हो रहे है। 

चोधरी ने कैंसर रोगियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि कैंसर को लेकर हमारे समाज में नकारात्मक धारणा बना दी है। इस कारण अक्सर कैंसर रोगी खुद को असहाय और निराश महसूस करते हैं। कैंसर रोगियों में आत्मविश्वास को बढ़ाना ही चिकित्सक या वैद्य की प्राथमिकता होनी चाहिए। 

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस सेमीनार के समापन सत्र में निदेशक प्रो. तनुजा नेसारी, केन्द्रिय आयुष सचि वैद्य राजेश कोटेचा, आयोजन सचिव डा. वीजी हुडार, आयुष मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रमोद कुमार पाठक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव धमेन्द्र एस गंगवार, पीजी स्टडी की डीन प्रो. सुजाता कदम व रीजनल कार्डिनेटर डा. पीके प्रजापति, राजस्थान के स्टेट कार्डिनेटर डा. संतोष कुमार, आयुष मंत्रालय के सलाहकार डा. डीसी काटोच, तेलांगना के स्वामी कृष्णानंदजी महाराज, केंन्द्रिय आयुर्वेद विज्ञान अनुसंधान परिषद के डायरेक्टर जनरल प्रो. केएस धीमान, केंसर शोध संस्थान के प्रो. रवि मल्हौत्रा, सहित देश भर के केंसर विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, आयुर्वेद के सैकड़ों पीजी करने वाले विद्यार्थियों की मौजूदगी में समापन सत्र में सर्वसम्मति से श्रीनवग्रह आश्रम की केंसर चिकित्सा पद्धति और जागरूकता कार्यक्रम के माॅडल को स्वीकारोक्ति तालियों की गड़गड़ाहट व संस्थापक हंसराज चोधरी का सम्मान करके दी गई।

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