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कोरोना संकट में श्रमिकों को संबल,मनरेगा बनी वरदान-सवाई माधोपुर

कोरोना संकट में श्रमिकों को संबल,
मनरेगा बनी वरदान, जिले में 73 हजार से अधिक श्रमिकों का नियोजन
सवाई माधोपुर, 3 जून। वैश्विक महामारी कोरोना आपदा के दौर में महात्मा गांधी नरेगा योजना श्रमिकों के वरदान साबित हो रही है जिसके चलते आर्थिक रूप प्रभावित लोगों को रोजगार मिला है और जिले में प्रतिदिन लगभग डेढ़ करोड़ रूपए श्रमिकों को इस योजना के तहत मिल रहे हैं। कोरोना संकट में गरीब को संबल देने वाली महानरेगा योजना के तहत जिले में 73 हजार 763 श्रमिक नियोजित है जिससे जिले में गरीब को काम व आर्थिक स्वावलम्बन मिला है।
जिला कलक्टर नन्नूमल पहाड़िया ने बताया कि कोरोना संकट से कई लोग आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं जिनकों आर्थिक संबल प्रदान करने की आवश्यकता थी। राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से स्वावलम्बन प्रदान करने के लिए कोरोना संकट के तहत सोशल डिस्टेंस, मास्क लगाने, हाथ धोने व स्वास्थ्य मानकों की पालना के साथ महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत लोगों को रोजगार प्रदान कर कई समस्याओं का समाधान कर दिया है इस योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को भी जोड़ा गया है जिससे उन्हें काम के बदले प्रतिदिन मजदूरी प्राप्त हो रही है।
प्रवासियों को राहत:- सीईओ जिला परिषद सुरेश कुमार ने बताया कि कोरोना आपदा के दौर में मनरेगा योजना से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अपने परिवार का पालन-पोषण करने में सहायता मिली है साथ ही लोग श्रम के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रहें है। जिले के सभी विकास अधिकारियों को जो प्रवासी गांवों में आये हैं उनके जॉब कार्ड बनाने के आदेश जारी कर दिए है। जिले में जो प्रवासी मजदूर वापस गांवों में लौट आये हैं उनको महात्मा गंाधी नरेगा योजना के तहत काम दिया जा रहा है नये जॉब कार्ड बनाने के साथ इन प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के कार्यों से जोड़ा जा रहा है।
189 ग्राम पंचायतों में कार्य:- महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत जिले की 189 ग्राम पंचायतों में मस्टरोल जारी किए जा चुके है। जिले की समस्त 6 पंचायत समितियों में वर्तमान में 73 हजार 763 श्रमिकों को काम दिया जा रहा है। जिले के सवाई माधोपुर ब्लॉक में 13561 श्रमिकों का नियोजन किया गया है, इसी क्रम में गंगापुर में 4766, बोंली में 19982 , खंडार में 8774,बामनवास में 18931, चौथ का बरवाडा में 7749 को श्रमिकों को नियोजित कर रोजगार दिया गया है। जिले में कुल 3395 कार्याे पर मस्टरोल जारी हो चुके है।
प्रतिदिन 7 घंटे कार्य:- महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत गर्मी के मद्देनजर समय में बदलाव किया गया है और श्रमिकों को प्रातः 6 बजे से दोपहर एक बजे तक कार्य करना है। इसी क्रम में जो श्रमिक समय से पूर्व अपना कार्य पूर्ण कर देता है तो उसे उसी समय घर भेज दिया जाता है। मस्टरोल एक पखवाडे़ के लिए जारी किया जाता है।
नियमों का पालन:- जिले में कोरोना संकट के तहत मनरेगा कार्यस्थलों पर स्वास्थ्य संबंधी मानकों व नियमों की पालना की जा रही है। इस संबंध में श्रमिकों को भी जागरूक किया गया है। मनरेगा कार्यस्थल पर सोशल डिस्टेंस की पालना के साथ साबुन से कम से कम 4 बार हाथ धोने, मास्क अथवा गमछे से मुंह को ढकने संबंधी नियमों की पालना सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में यदि किसी श्रमिक में खांसी, कम, जुकाम के लक्षण दृष्टिगत होते है तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र को सूचित कर जांच करवाते हुए उपचार प्रदान किया जा रहा है। इस प्रकार कोरोना संकट के दौरान नियमों की पालना के साथ श्रम के माध्यम से आर्थिक स्वावलम्बन को प्राप्त किया जा रहा है।

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