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गाय आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता – कठिरिया – भीलवाड़ा

गाय आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता – कठिरिया

भीलवाड़ा,

भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी विभाग के राष्ट्रीय कामधेनू आयोग के चेयरमेन वल्लभ भाई कठिरिया ने कहा कि देश में गाय आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने की महती आवश्यकता है। इससे कम खर्च में अधिक आय के साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी काफी सहायता मिलती है।

भीलवाड़ा के जिला कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में कठिरिया ने कहा कि गाय आधरित उद्योग एक नई इंडस्ट्री के रुप में विकसित हो रहा है। इस क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। गौमूत्र, गोबर के उत्पादों की आज बाजार में बड़ी मांग है और केंद्र सरकार भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से इस व्यवसाय को बढ़ावा देने में सहयोग कर रही है। बैठक में डेयरी के अधिकारियों से चर्चा के दौरान देसी के पालन पर जोर देते हुए कहा कि देसी गाय के दूध की अधिक मांग रहने और अच्छे दाम मिलने से इसके अलग से कलेक्शन करने की व्यवस्था की जानी चाहिए। डेयरी चेयरमेने व विधायक रामलाल जाट ने जानकारी दी की भीलवाड़ा डेयरी इस दिशा में कार्य प्रारम्भ कर चुकी है। जाट ने यह भी बताया कि देसी नस्ल को बढ़ावा दे रहे हैं। इस हेतु पशुपालकों को सब्सिडी और परिवहन का खर्च डेयरी अपनी ओर से देती है।

भीलवाड़ा में ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना की आवश्यकता जताते हुए कठिरिया ने कहा कि सभी विभागों को आपसी समन्यवय के साथ जिले में गाय की उत्तम नस्ल को बढावा देने का कार्य करें। योजनाओं की लगातार मोनिटरिंग की जाए और क्रियान्वयन में स्वयंसेवी संस्थाओं की सहायता भी ली जावे। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जिले के अस्पतालों में पंचगव्य मेडिसिन रखने के लिए कहा। साथी ही आंगनवाड़ी और स्कूलों में बच्चों को दूध पिलाने की योजना के तहत देसी गाय का दूध उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। बैठक में विधायक रामलाल जाट, जिला कलक्टर राजेंद्र भट्ट, दोनों अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार व नरेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

गौवंश की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए कठिरिया ने कहा कि शहरों में पार्क आदि की तर्ज पर गौशाला के लिए भूमि आरक्षित करने के प्रावधान पर भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय से चर्चा हुई है। उन्होने कहा कि म्युनिसिपल एक्ट में शहरी गौधन को सुरक्षित रखने का प्रावधान किया जाना चाहिए। उन्होने नगर परिषद आयुक्त को अपने कॉइन हाउस को बड़ा बनाने के निर्देश देते हुए सड़कों पर घूमने वाले गौवंश को वहां संरक्षित करने की बात कही। उन्होने कहा कि यह कार्य स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ कर भी किया जा सकता है। पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गौरक्षकों को कानूनी जानकारी दें और अवैध गौवंश परिवहन रोकने की कार्रवाई करें।

कठिरिया ने कहा कि गाय के दूध, मूत्र, गोबर आदि के कई उपयोग हैं। आने वाली पीढ़ी को इसकी वैज्ञानिक तथ्यों के साथ जानकारी उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। उन्होने स्कूली परीक्षा की तर्ज पर गौविज्ञान परीक्षा आयोजित करने की आवश्यकता जताई।

मूलचन्द पेसवानी

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