Home / उत्तर प्रदेश / बहराइच / गिरिजापुरी बैराज पर डॉल्फिन का शव नदी में उतराता हुआ दिखाई पड़ा।

गिरिजापुरी बैराज पर डॉल्फिन का शव नदी में उतराता हुआ दिखाई पड़ा।

डाल्फिन का शव देखने उमड़ी भीड़।

मिहींपुरवा/बहराइच- शुक्रवार को चौधरी चरण सिंह बैराज गिरिजा पुरी में गेट नंबर 12 पर देखकर डॉल्फिन का शव उतराता हुआ दिखाई पड़ा जिसे देख कर के बैराज के प्रभारी सन्तराम वर्मा ने वन विभाग को सूचना दी। काफी देर बीत जाने के बाद भी मौके पर कोई वन विभाग का कर्मचारी नहीं पहुंचा है और अभी भी बैराज के गेट नंबर 12 पर उतरा रहा है। ज्ञातव्य हो कि डॉल्फिन दुर्लभ प्रजाति का जल जीव है।
बिहार व उत्तर प्रदेश में इसे ‘सोंस’ जबकि आसामी भाषा में ‘शिहू’ के नाम से जाना जाता है। यह इकोलोकेशन (प्रतिध्वनि निर्धारण) और सूंघने की अपार क्षमताओं से अपना शिकार और भोजन तलाशती है। यह मांसाहारी जलीय जीव है। यह प्राचीन जीव करीब १० करोड़ साल से भारत में मौजूद है। यह मछली नहीं दरअसल एक स्तनधारी जीव है। मादा के औसत लम्बाई नर डोल्फिन से अधिक होती है। इसकी औसत आयु २८ वर्ष रिकार्ड की गयी है। ‘सन ऑफ़ रिवर’ कहने वाले डोल्फिन के संरक्षण के लिए सम्राट अशोक ने कई सदी पूर्व कदम उठाये थे। केंद्र सरकार ने १९७२ के भारतीय वन्य जीव संरक्षण कानून के दायरे में भी डोल्फिन को शामिल लौया था, लेकिन अंततः राष्ट्रीय जलीव जीव घोषित करने से वन्य जी संरक्षण कानून के दायरे में स्वतः आ गया। १९९६ में ही इंटर्नेशनल यूनियन ऑफ़ कंजर्वेशन ऑफ़ नेचर भी इन डॉल्फिनों को तो विलुप्त प्राय जीव घोषित कर चुका था। गेरुआ में डॉल्फिनों की संख्या में बढोत्तरी होना चाहिए क्योंकि जिस तरह बाघ जंगल की सेहत का प्रतीक है उसी प्रकार डॉल्फिन नदी के स्वास्थ्य की निशानी है

रिपोर्टर अमर श्रीवास्तव

Support us

कोई भी मीडिया हो उन्हें कभी फंड की चिंता नहीं करनी पड़ती क्यूंकि लोकतंत्र को बचाने के नाम पर उन्हें विभिन्न स्रोतों से पैसा मिलता है। लेकिन हमें सच की लड़ाई लड़ने के लिए आपके समर्थन की आवश्यकता है। आपसे जितना हो सके हमें योगदान करें ताकि हम आपके लिए आवाज उठा सकें।

Donate with

Check Also

शेल्टर होम का किया निरीक्षण बहराइच

 बहराइच उत्तर प्रदेश   तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) अंतर्गत राष्ट्रीय माद्यमिक शिक्षा अभियान अंतर्गत निर्मित …

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *