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चमोली जिले के बड़ागांव जहां हुआ आज हनुमान शिला का उद्घाटन-चमोली

आज ठीक 12:00 बजे भगवान बद्री विशाल के दूसरे रूप जिसे भविष्य बद्री कहते हैं बताया जाता है कि भगवान बद्री विशाल के जब कपाट पूर्ण तरह बंद हो जाएंगे तो भगवान बद्रीविशाल जी अपने नए स्थान भविष्य बदरी में दर्शन देंगे पुराणों में लिखा है जब भगवान बद्रीविशाल जी के दो पहाड़ आपस में इकट्ठे हो जाएंगे तब बद्री विशाल के दर्शन भविष्य बद्री में दर्शन प्राप्त होंगे इन पहाड़ों का नाम है जय और विजय नामक दो पहाड़ का मिलन जब हो जाए तब भगवान बद्री विशाल अपने रूप को भविष्य बद्री में ही दर्शन देंगे आप देख सकते हैं कि भगवान बद्रीविशाल जी के जहां मूर्ति है स्वयं प्रतिदिन उसकी आकृति बन जाती है और आज भगवान हनुमान जी का शिलान्यास जो ठीक बड़गांव से 2 किलोमीटर आगे एक पहाड़ पर आकृति बनी हुई है जिसका नाम रखा गया है हनुमान शीला जिसका उद्घाटन आज हिंदू वाहिनी के कार्यकर्ताओं द्वारा उद्घाटन किया गया जिसमें सारे क्षेत्र की जनता सम्मिलित हुई और एक भंडारे का कार्यक्रम भी हुआ बताते हैं कि जब पांडवों के भ्राता भगवान भीम जब उस पहाड़ को नदी पार करने के लिए ले जा रहे थे तब उन्हें वह ले जाते ले जाते सुबह हो गई थी बताते हैं कि मुर्गे की सुबह उठने की आवाज भीम को जब सुनाई दी तब उन्होंने यह पर्वत वहीं पर छोड़ दिया तब से यह पर्वत हनुमान शीला के नाम से जाना जाता है जैसे बद्रीनाथ के रास्ते में भगवान हनुमान जी का एक भव्य मंदिर है जिसका नाम हनुमान चट्टी है भगवान बद्रीविशाल के जब कपाट खुलते हैं तब यहां 6 महा यहां पर भगवान हनुमान जी की पूजा भी की जाती है बताते हैं कि पहले भगवान हनुमान जी के दर्शन प्राप्त करने से तब जाकर के भगवान बद्री विशाल के दर्शन होते हैं इसीलिए हिंदू संगठन के लोगों ने आज उसका उद्घाटन किया जिसमें बड़े-बड़े विद्वान भी शामिल हुए बताया जा रहा है कि इस शिला का जल्दी ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा अभी भगवान भविष्य बद्री के कपाट 12 महीने के लिए खुले हुए नजर आते हैं भक्त अपनी दर्शन भगवान बद्री विशाल की जीके स्वरूप भविष्य बद्री नामक स्थान पर प्राप्त करते हैं पंच बद्री में सर्वश्रेष्ठ बद्री जिसे भविष्य बद्री के नाम से भी जाना जाता है भगवान बद्री विशाल जी के दर्शन करने के लिए पैदल मार्ग चलना पड़ता है काफी दूरी पर भगवान भविष्य बद्री के दर्शन प्राप्त होते हैं यहां पर भक्त अपनी मुरादें पूर्ण प्राप्त करते हैं और साथ में जो भगवान भविष्य बद्री के दर्शन करता है उसके सारे जन्मों के पाप धुल जाते हैं भगवान भविष्य बद्री के ठीक नीचे एक गांव है जिसका नाम सुभा ही है वहां पर भगवान कुबेर जी का भव्य मंदिर भी आपको दर्शन प्राप्त हो सकता है बताते हैं कि भगवान कुबेर जी यहां पर एक भव्य मूर्ति एक पेड़ के नीचे स्वयं विराजमान है जोशीमठ चमोली से नवीन भंडारी की एक खास रिपोर्ट

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