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जनपद में धारा-144 लागू-श्रावस्ती

जनपद में धारा-144 लागू

श्रावस्ती 17 मार्च, 2020/सू0वि0/प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-7, उ0प्र0शासन के पत्र संख्या-668/15-7-2020-1(278)/2009 दिनांक 13.03.2020 के अनुक्रम मंे वर्ष 2020 की परिषदीय परीक्षाओं की उत्तर पुस्तकों का मूल्यांकन कार्य दिनांक 16.03.2020 से प्रारम्भ होकर दिनांक 25.03.2020 तक 10 कार्य दिवसों में अलक्षेन्द्र इण्टर कालेज भिनगा जनपद श्रावस्ती में सम्पन्न होगा एवं दिनांक 02.04.2020 को रामनवमी, दिनांक 06.04.2020 को महावीर जयन्ती एवं दिनाक 09.04.2020 को शबेबारात का त्यौहार मनाया जायेगा। उक्त मूल्यांकन कार्य एवं त्यौहारों को शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराये जाने के दृष्टिगत जनपद श्रावस्ती में, मैं योगानन्द पाण्डेय, अपर जिला मजिस्ट्रेट, श्रावस्ती, दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नानुसार निषेधाज्ञा पारित करता हूॅंः-

1- जनपद में कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह अपने साथ लाठी/डण्डा या किसी प्रकार का आग्नेयास्त्र अथवा घातक अस्त्र-शस्त्र, विस्फोटक पदार्थ, प्रतिबन्धित चाकू या अन्य कोई प्रहारक वस्तु आदि लेकर संचरण नहीं करेगा। यह प्रतिबन्ध वृद्धों, विकलांगों अथवा असहाय/बीमार व्यक्तियों द्वारा अपने सहारे के लिए प्रयोग की जा रही लाठी/डण्डे पर लागू नहीं होगा, तथा डयूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी/कर्मचारी भी इस प्रतिबन्ध से मुक्त रहेंगे।

2- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह किसी स्थान पर कोई विस्फोटक सामग्री लेकर नहीं आयेगा और न ही जनपद की सीमा में प्रवेश करेगा।

3- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह जनपद सीमान्तर्गत अफवाह नहीं फैलायेगा और न ही ऐसा कोई पर्चा/हैण्डबिल वितरित करेगा जिससे उत्तेजना पैदा हो।

4- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह किसी ऐसे स्थान पर किसी ध्वनिविस्तारण यंत्रों से ऐसा प्रचार-प्रसार नही करेगा जिससे जातिगत/साम्प्रदायिक तनाव पैदा होता हो या पैदा होने की सम्भावना हो।

5- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह ऐसे लिखित या मौखिक वक्तव्य या संदेश प्रचारित/प्रसारित नहीं करेगा जिससे साम्प्रदायिक तनाव/वैमनस्य पैदा होता हो या पैदा होने की सम्भावना हो।

6- किसी भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्र यथा-लाउडस्पीकर एवं डी0जे0 का प्रयोग किये जाने हेतु निषिद्ध किया जाता है।

7- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह ऐसे किसी विद्वेषपूर्ण नारे/शब्द जिसमें किसी व्यक्ति या सम्प्रदाय की भावना/भावनाएं आहत हों या उनमंे उत्तेजना पैदा हो, दीवाल पर अकित नहीं करेगा और न ही किसी व्यक्ति को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा।

8- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह बिना सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट के पूर्वानुमति प्राप्त किये किसी भी सार्वजनिक स्थान पर बैठक/पंचायत/रैली व नाटक मंचन आदि का आयोजन नहीं करेगा।

9- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह परम्परागत रीति से मनाये जाने वाले आयोजनों के अतिरिक्त अन्य स्थान पर बिना पूर्वानुमतिके न तो धार्मिक जुलूस निकालेगा और न ही पूर्व से चले आ रहे जुलूस के रूप में परिवर्तित करेगा, उक्त कार्यक्रमों का आयोजन किसी ऐसे स्थान पर नहीं करेगा जिससे सार्वजनिक आवागमन बाधित होता हो या बाधित होने की सम्भावना हो।

10- कोई भी आयोजन ऐसे बन्द स्थानों पर नहीं किया जायेगा जिससे एकत्रित समुदाय/व्यक्तियों के आने-जाने के लिए समुचित प्रवेश/निकास के रास्ते न हो।

11- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह तेजाब/पेय पदार्थों की बोतले जिन्हें हिलाकर तोड़ने से अथवा किसी व्यक्ति पर फेंकने से चोट लग सकती हो, को निर्दिष्ट स्थान/दुकान के अतिरिक्त न तो इकट्ठा करेगा और न करायेगा।

12- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह जनपद सीमान्तर्गत बिना सक्षम प्राधिकारी के पूर्वानुमति के जुलूस/धरना प्रर्दशन आदि का आयोजन नही करेगा, इसके लिए सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट से कम से कम 48 घंटे पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

13- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह किसी भी व्यक्ति, राहगीर व वाहनों से जबरन चन्दा वसूल नहीं करेगा।

14- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह उक्त त्यौहार के दौरान कोई ऐसा कार्य नहीं करेंगे जिससे साम्प्रदायिक एवं सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े एवं शांति व्यवस्था प्रभावित हो।

15- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह कोई ऐसा कार्य नहीं करेगा जिससे साम्प्रदायिक वातावरण खराब हो एवं तनाव का माहौल बने।

16- जनपद श्रावस्ती सीमान्तर्गत किसी भी स्थल पर पांच या पांच से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होंगे परन्तु यह प्रतिबन्ध परम्परागत पूजा स्थल, मेला, शवयात्रा, बारात आदि समारोहों पर लागू नहीं होगा।

17- यदि किसी शस्त्र लाइसेंसी व्यक्ति को जीवन भय है, और वह अपने को असुरक्षित महसूत करता है तो अपने लाइसेंसी शस्त्र को अपने साथ लेकर चलने के आशय से अनुमति पत्र प्राप्त करने हेतु सक्षम प्राधिकारी का प्रार्थनापत्र प्रस्तुत करते हुए तदनुसार अनुमति प्राप्त करने के उपरान्त ही लेकर चलेगा।

18- किसी भी व्यक्ति, समुदाय या संगठन द्वारा समुदाय को इकट्ठा करने हेतु कोई नई परम्परा प्रारम्भ नहीं की जायेगी।

19- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह किसी को न तो जबरिया दबाव डालकर दुकान, कार्यालय, व्यवसाय स्थल, परिवहन आदि बन्द कराने के लिए बाध्य करेगा और न स्वयं बन्द करने का प्रयास करेगा।

20- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह ऐसे नारे या अभद्र शब्दों का प्रयोग नहीं करेगा जिससे जनसाधारण अथवा किसी वर्ग विशेष या समुदाय में उत्तेजना फैलें।

21- कोई भी व्यक्ति बस अड्डों, सरकारी भवनों/कार्यालयों, अथवा अन्य किसी सार्वजनिक सम्पत्ति को न तो क्षति पहुंचायेगा और न बस अथवा यातायात अथवा संचार के अन्य संसाधनों को प्रभावित करेगा।

22- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह उक्त प्रस्तर-12 में उल्लिखित मजिस्ट्रेटों से अनुमति प्राप्त किये बिना किसी भी स्थान पर ध्वनि विस्तारण यंत्र या साउण्ड बाक्स का प्रयोग नहीं करेगा और न ही उसको पहले से धार्मिक अथवा अन्य स्थलों पर इस प्रकार असुरक्षित रखेगा जिसका प्रयोग धार्मिक या सामाजिक विद्वेष, उन्माद एवं घृणा अथवा हिंसा फैलाने वाले असामाजिक तत्व अथवा उनका गिरोह कर सके।

23- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह ध्वनि विस्तारण यंत्र, लाउडस्पीकर, साउण्ड बाक्स, डी0जे0 अथवा जनता को सम्बोधित करने वाली अन्य प्रणाली का प्रयोग प्रातः 6 बजे से रात्रि 10बजे तक सक्षम मजिस्ट्रेट की बिना पूर्वानुमति प्राप्त किये किसी भी सार्वजनिक स्थान या अन्य किसी भी स्थान पर नहीं करेगा एवं रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक मा0 सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा ध्वनिविस्तारक यंत्रों का प्रयोग पूर्णतया प्रतिबन्धित होने के कारण नहीं करेगा और ऐसे यंत्रों की आवाज का स्तर ध्वनि प्रदूषण (रेगुलेशन एण्ड कंट्रोल)रूल्स, 2000 में उल्लिखित निर्धारित मानक से अधिक नहीं होगा।

24- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह कोई ऐसा कार्य नहीं करेगा जिससे साम्प्रदायिक वातावरण खराब हो अथवा तनाव का माहौल बने।

25- मूल्यांकन केन्द्र परिसर एवं उसके 100मी0 परिधि में केाई भी ऐसी सामग्री चस्पा नहीं करेगा या केाई पम्पलेट वितरित नही करेगा जिससे मूल्यांकन की पवित्रता प्रभावित हो।

26- मूल्यांकन केन्द्र व उसके 100मी0 परिधि में सेल्यूलर फोन/मोबाइल/पेजर फोन अथवा अन्य कोई इलेक्ट्रानिक वस्तु ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

27- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह मूल्यांकन के लिए तैनात किसी भी कर्मी के कार्य में व्यवधान पैदा नहीं करेगा।

28- किसी भी सरकारी सम्पत्ति पर दीवाल लेखन, पोस्टर, पम्पलेट चिपकाना, कटआउट, बैनर, होर्डिंग, झण्डा आदि लगाना या प्रदर्शित करना वर्जित है। सार्वजनिक स्थल की परिभाषा में सरकारी भूमि, भवन, बाउण्ड्रीवाल, साइनबोर्ड, पी0डब्लू0डी0मील के पत्थर, ट्रैफिक साइनबोर्ड, बिजली के खम्भे आदि सभी सम्मिलित हैं।

29- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह किसी भी मूल्यांकनकर्ता को मूल्यांकन से रोकने की नियत से कोई ऐसा कृत्य नही करेगा जिससे वह मूल्यांकन कार्य से वंचित रहे या वंचित रहने की सम्भावना हो।

30- कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह मूल्यांकन विषयक किसी भी कार्यवाही तथा व्यवस्था मंे किसी भी प्रकार से बाधा/व्यवधान उत्पन्न नही करेगा।

31- मूल्यांकन हेतु निर्धारित तिथि पर मूल्यांकन के दिन मूल्यांकन केन्द्र व उसके निर्धारित परिसर के 100मी0 परिधि के अन्दर कोई भी व्यक्ति कोई कैम्प/पाण्डाल नही लगायेगे। निर्धारित तिथि पर सम्बन्धित मूल्यांकन केन्द्र पर कर्मियों के पहुचने की अवधि तथा मूल्यांकन के उपरान्त उनके वापस लौटने की अवधि तक मूल्यांकन केन्द्र व उसके निर्धारित 100मी0 परिधि के अन्दर केाई भी व्यक्ति नशे की हालत में प्रवेश नहीं करेगा और मादक पदार्थ नहीं ले जायेगा।

32- निर्धारित तिथि पर सम्बन्धित मूल्यांकन केन्द्र पर कर्मियों के पहुंचने तथा मूल्यांकन उपरान्त वापस लौटने तक मूल्यांकन केन्द्र व उसके 100मी0 परिधि मे कोई भी व्यक्ति शस्त्र या विस्फोटक सामग्री लेकर प्रवेश नहीं करेगा व इस अवधि में उपरोक्त परिसर के सीमान्तर्गत किसी ऐसे ध्वनि विस्तारक यंत्र यथा माइक, रेडियो, ट्रांजिस्टर व लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं करेगा जिससे कि मूल्यांकन कार्य में व्यवधान पैदा होता हो या पैदा होने की सम्भावना हो।

33- मूल्यांकन केन्द्र पर कर्मियों के पहुंचने तथा मूल्यांकन उपरान्त वापस लौटने तक परीक्षा स्थल व निर्धारित 100मी0 परिधि के अन्दर कोई ज्वलनशील पदार्थ यथा कैरोसिन, आयल आदि नहीं ले जायेगा जब तक कि मूल्यांकन कार्य के लिए आवश्यक समझे जाने पर केन्द्र व्यवस्थापक द्वारा अनुमति न दे दी जाय।

उपरोक्त आदेश जनपद श्रावस्ती की सीमा में रहने वाले तथा प्रवेश करने वाले व्यक्तियों पर आदेश पारित होने के दिनांक 16.03.2020 से 09.04.2020 तक प्रभावी रहेगा। उपयुक्त आदेश तुरन्त प्रभावी किया जाना आवश्यक है तथा सभी पक्षों का सुना जाना सम्भव नहीं है। अतएव उक्त आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किये जाते हैं।

अपरिहार्य परिस्थितियों में उपरोक्त अथवा उपरोक्त में से किसी एक प्रतिबन्ध से जनपद में तैनात सक्षम मजिस्ट्रेट द्वारा शिथिलता प्रदान की जा सकती है। उक्त आदेश या आदेश के किसी अंश का उल्लंघन भा0द0वि0 की धारा-188 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा।

उक्त आदेश आज दिनांक 16.03.2020 को मेरे हस्ताक्षर एवं न्यायालय की मुद्रा के अधीन निर्गत किया गया।

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