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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न

मातृ एंव शिशु मृत्यु दर रोकने के लिए उठाए जाएं आवश्यक कदम-जिलाधिकारी

श्रावस्ती/27 फरवरी, 2020/सू0वि0/जिले में मातृ एंव शिशु मृत्यु दर अन्य जनपदों की तुलना में अधिक है। जो चिंता का विषय है। इसे रोके बिना स्वस्थ्य समाज की परिकल्पना नही पूरी की जा सकती है, इसलिए मातृ एंव शिशु मृत्यु दर विशेष प्रयास की जरूरत के साथ ही कारगर कदम उठाए जाएं ताकि जिले की कोई भी गर्भवती/धात्री महिला एंव नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य के देखभाल के अभाव में मौत न होने पाए।
उक्त विचार कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के दौरान जिलाधिकारी सुश्री यशु रूस्तगी ने व्यक्त किया। उन्होने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के मुखिया से लेकर उनके अधीनस्थ प्रभारी चिकित्साधिकारियों के साथ ही स्वास्थ्य निरीक्षक, ऐनम, आशा बहू, आशा संगनियो को अब विशेष ध्यान रखकर दायित्व बोध के साथ काम करना होगा। इसके लिए उन्होने जिले की हर गर्भवती महिलाओं से लेकर नवजात शिशुओं का समय से टीकाकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उन्हे समय से इलाज मुहैया कराकर स्वस्थ्य बनाना होगा। ताकि जिले की मातृ एंव शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रवार मातृ एंव शिशु मृत्यु दर की समीक्षा की और मृत्यु के कारणों का विश्लेषण करते हुए भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो पर विशेष ध्यान रखने का सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि ए0एन0एम0 ब्लाक स्तर पर आयोजित बैठक में नहीं जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि ए0एन0एम0 को क्लस्टर बैठक में अनिवार्य रुप से बुलाया जाय ताकि उनके क्षेत्रों की समीक्षा ब्लाक स्तर पर भी हो सके। समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि जिला अस्पताल में स्थित एस0एन0सी0यू0 से बच्चों के डिस्चार्ज होने के बाद भी आशाओं द्वारा फालोअप नही किया जा रहा है जो गम्भीर विषय है। इस प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने एस0एन0सी0यू0 से डिस्चार्ज बच्चों का निरन्तर फालोअप कराने का निर्देश दिया है ताकि उन्हें स्वस्थ्य रखा जा सके। नियमित टीकाकरण के समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि जिन बच्चों का टीकाकरण का डियु है उनमें से कुछ बच्चे जागरुकता के अभाव में टीकाकरण से वंचित रह जाते है। इसके लिए आशा व ए0एन0एम0 द्वारा गांवों में जागरुकता बैठक करके लोगों को टीकाकरण का दिन अवश्य बता दें ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रह जाये तथा बैठक की फोटोग्राफ भी विभाग में भेजें।
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम में सामु0 स्वास्थ्य केन्द्र मल्हीपुर पुरुष नसबन्दी में लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि कम होने पर जिलाधिकारी ने लक्ष्य पूरा करने का प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देश देने के साथ ही अन्य सभी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया है कि परिवार नियोजन कार्यक्रमों का गांव-गांव में ए0एन0एम0 व आशाओं के माध्यम से प्रचार-प्रसार करायें और लोगों को परिवार नियोजन कार्यक्रमों से लाभान्वित करें।
जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिया कि संस्थागत प्रसव वाली महिलाओं का प्रसव से पूर्व ही सभी अभिलेख आशाओं द्वारा ले लिये जाय ताकि सरकार द्वारा जननी सुरक्षा योजना के तहत उन्हें समय से लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया है कि वे ऐनम और आशाओं के माध्यम से परिवार नियोजन के बारे में अपने तैनाती स्थलों के गांवों में जानकारी दें और उन्हे यह बताएं कि परिवार बड़ा होने पर उनके भरण पोषण में दिक्कत होती है। उन्होंने कहा कि परिवार बडा होने से बच्चों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, इसलिए लोगों को परिवार सीमित रखने के लिए परिवार नियोजन अपनाना आज के परिवेश में महती आवश्यकता है। प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा इस जिले में परिवार की वृद्धि दर अधिक है। जनसंख्या वृद्धि रोकने के लिए सरकार की ओर से परिवार नियोजन के लिए अस्पताल के माध्यम से कई सुविधाएं जरूरत मन्दो को निश्शुल्क दी जा रही है। इसके साथ ही उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप महिला नसबंदी के लिए दो हजार, पुरुष नसबंदी के लिए तीन हजार, प्रसव के बाद कापर टी लगवाने पर 300 रुपए की धनराशि दी जा रही है। जिले के सभी अस्पतालों में पुरूष महिला नसबन्दी, महिलाओं को प्रसव के बाद कापर टी, अंतरा इंजेक्शन, छाया टेबलेट, ओरल पिल्स, माला एन एवं निरोध भी मुफ्त दिया जा रहा है। इसे जरूरत मन्द अपनाकर अपना एवं अपने परिवार का जीवन खुशहाल बना सकते है।
जिलाधिकारी ने जिले में जितने भी मरीज ओपीडी में आते हैं उनमे से तीन प्रतिशत मरीजों का क्षय रोग परीक्षण कराने का भी निर्देश दिया है। इस दौरान जिलाधिकारी प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, डेंगू से बचाव एंव हाई रिस्क गर्भवती की पहचान सहित स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित अन्य कार्यक्रमों की भी गहन समीक्षा की तथा बेहतर ढंग से कार्य कर जन-जन को स्वस्थ्य रखने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अवनीश राय, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0ए0पी0 भार्गव, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0मुकेश मातन हेलिया, जिला पंचायत राज अधिकारी अवनीश श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि महेन्द्र सिंह, संयुक्त जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, डब्ल्यूएचओ की एसएमओ डा प्रिया बंसल सहित सभी प्रभारी चिकित्साधिकारीगण, डीसीपीएम एंव बीसीपीएम उपस्थित रहे।

ब्यूरोरिपोर्ट दिलीप कुमार मिश्रा जनपद श्रावस्ती

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