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दिनकर काव्यनाद काव्यपाठ समारोह में विजेताओं को दिया जायेगा पारितोषिक

राष्ट्रीय कवि संगम द्वारा देशभर में दिनकर जयंती पर काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन 23 सितंबर को 

दिनकर काव्यनाद काव्यपाठ समारोह में विजेताओं को दिया जायेगा पारितोषिक 

भीलवाड़ा-(मूलचन्द पेसवानी)

देश की सबसे बड़ी मंचीय कवियों की संस्था राष्ट्रीय कवि संगम की ओर से राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के उपलक्ष में युवा पीढ़ी के लिए एक शानदार काव्य वाचन प्रतियोगिता का आयोजन होगा। संपूर्ण भारत वर्ष में इस प्रतियोगिता की सूचना को अधिकाधिक बच्चों तक पहुंचाने के उद्देश्य से राजस्थान एवं गुजरात क्षेत्र के संगठन पदाधिकारियों की एक बैठक का आयोजन गूगल मीट पर किया गया। जिसमें विधायक एवं राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष जोगेश्वर गर्ग सहित दोनों प्रदेशों के 35 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संगठन के क्षेत्र प्रमुख और बैठक के संयोजक कवि योगेंद्र शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ अशोक बत्रा ने बैठक को संबोधित करते हुए इस प्रतियोगिता की संपूर्ण जानकारी प्रदान की। डॉ अशोक बत्रा ने कहा कि आगामी 23 सितंबर को दिनकर जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय कवि संगम एक अखिल भारतीय दिनकर काव्यपाठ प्रतियोगिता आयोजित करने जा रहा है।

इस प्रतियोगिता में कनिष्ठ वर्ग में 11 वर्ष तक की उम्र के वे बच्चे भाग ले सकेंगे जिनका जन्म 1 सितम्बर, 2009 को या उसके बाद हुआ हो। वरिष्ठ वर्ग में 11वर्ष 1 दिन से लेकर 18 वर्ष तक के वे प्रतिभागी भाग ले सकेंगे, जिनका जन्म 1 सितम्बर, 2002 को या उसके बाद और 31 अगस्त, 2009 को अथवा उससे पहले हुआ हो । काव्यपाठ का समय कनिष्ठ वर्ग के लिए 1.30 से 2 मिनट और वरिष्ठ वर्ग के लिए 2 से 3 मिनट होगा। कविता का चयन प्रतियोगी स्वयं करेंगे। लेकिन कविता शुद्ध और प्रामाणिक हो। कविता ओज, शृंगार, प्रबोधन, व्यंग्य, करुणा, मानवीय सरोकार, इत्यादि किसी भी पक्ष से संबंधित हो सकती है।

डॉ अशोक बत्रा ने कहा कि प्रतियोगिता में आकलन का आधार आत्मविश्वास, पूर्ण स्मरण, शुद्ध उच्चारण, हाव-भाव और प्रभावी प्रस्तुति होगा। कागज़ अथवा किसी भी माध्यम से देखकर कविता पढ़ने वाले प्रतियोगी को प्रतियोगिता में स्थान नहीं मिलेगा। देशभर के प्रतियोगी अपनी कविता की वीडियो यूट्यूब पर बनाएँगे। उसे प्राइवेट मोड पर रखेंगे तथा उसका लिंक अपने कनिष्ठ या वरिष्ठ वर्ग के लिंक पर अपलोड करेंगे। वीडियो में प्रतियोगी खड़ा हुआ कविता बोलेगा किन्तु फ़ोटो उसके ऊपरी भाग का आना चाहिए, ताकि निर्णायकों को उसकी भावमुद्राएँ स्पष्ट दीख सकें। प्रतियोगी प्रविष्टि के साथ प्रामाणिक परिचय हिंदी में अपने प्रान्त का नाम, अपना नाम, माता/पिता का नाम, जन्म-तिथि, कक्षा, पता, व्हाट्सएप वाला मोबाइल नम्बर, अपना ईमेल पता तथा अपनी वीडियो का लिंक भी भेजेगा। हम यह मानकर चल रहे हैं कि प्रतिभागी का है तथा बोली गई कविता उसे पूरी तरह स्मरण है। परिचय गलत पाए जाने पर उसे प्रतियोगिता से बाहर कर दिया जाएगा।

संगठन के क्षेत्र प्रमुख और संयोजक कवि योगेंद्र शर्मा ने बताया कि आगामी 13 सितंबर को प्रत्येक प्रांत के तीन सर्वश्रेष्ठ कविता वाचक घोषित होंगे,। जिन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए आगे प्रेषित किया जाएगा। राष्ट्रीय प्रतियोगिता का अंतिम चयन 20 सितंबर को संपन्न होगा। देश भर से आए प्रतियोगियों में से दोनों वर्गों के प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय विजेताओं को 23 सितंबर दिनकर जयंती पर होने वाले दिनकर काव्यनाद समारोह में काव्यपाठ का अवसर दिया जाएगा तथा उन्हें पुरस्कार राशि भेंट की जाएगी। प्रथम, द्वितीय, तृतीय के अतिरिक्त प्रविष्टियों की गुणवत्ता के आधार पर अन्य कुछ प्रोत्साहन पुरस्कारों की भी व्यवस्था की गई है, जिसकी घोषणा 23 सितंबर को ही की जाएगी । कनिष्ठ वर्ग के प्रथम विजेता को 11000 रू, द्वितीय को 5100रू तथा तृतीय को 3100रू की राशि प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार वरिष्ठ वर्ग के विजेता को 21000, द्वितीय को 11000 तथा तृतीय को 5100 रू की राशि प्रदान की जाएगी । 

संगठन के क्षेत्र प्रमुख और संयोजक कवि योगेंद्र शर्मा ने बताया कि इस संदर्भ में निर्णायकों का निर्णय अंतिम होगा, जिसे चुनौती नहीं दी जा सकेगी। प्रतियोगिता में कविता को याद करके बोलना ही अनिवार्य है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में विजयी कविता के अतिरिक्त कुछ और काव्यपाठ करने के लिए भी कहा जा सकता है। कवितापाठ का समय कविता के पहले शब्द से लेकर कविता के अंतिम शब्द तक गिना जाएगा। कविता की भूमिका 30 सेकेंड से अधिक नहीं होनी चाहिए। उसका समय कविता में नहीं गिना जाएगा । 15 अगस्त तक यह योजना अधिकाधिक बच्चों तक प्रसारित की जाएगी। इस दौरान प्रतियोगी अपनी कविता का वीडियो बनाकर और अपना परिचय लिखकर तैयार रखेंगे। वीडियो और परिचय अपलोड करने की अवधि 15 अगस्त से 31 अगस्त रखी गई है।

संगठन के क्षेत्र प्रमुख और संयोजक कवि योगेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता के परिणाम से पहले प्रतियोगी की कविता अन्य किसी मंच या मीडिया पर प्रस्तुत नहीं होनी चाहिए, वरना उसे प्रतियोगिता से बाहर समझा जाएगा। अपनी प्रस्तुति की गोपनीयता बनाने का दायित्व प्रतियोगी का होगा। किसी प्रतियोगी को दिनकर के काव्य के किसी शब्द में परिवर्तन का कोई अधिकार नहीं है। कविता की शुद्धता का दायित्व स्वयं प्रतियोगी का रहेगा कि वह कविता को प्रामाणिक स्रोत से लेकर याद करे। 

संयोजक योगेंद्र शर्मा ने कहा कि इस प्रतियोगिता के लिए किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं रखा गया है। इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी में दिनकर की कविताओं के संस्कार प्रवाहित करना है। उन्होंने कहा कि कविता का वीडियो अपलोड करने के लिए संस्था के पदाधिकारियों से संपर्क करना होगा।

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