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नवग्रह आश्रम के पंजाब के बलाचोर में आयोजित केंसर जागरूकता शिविर ने बनाया मुकाम

नवग्रह आश्रम के पंजाब के बलाचोर में आयोजित केंसर जागरूकता शिविर ने बनाया मुकाम

पंजाब को केंसर मुक्त बनाने का कार्य आयुर्वेद व वानस्पतिक चिकित्सा पद्वति से ही होगा- विधायक दर्शनलाल

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-मूलचंद पेसवानी

संपूर्ण देश को केंसर मुक्त बनाने का संकल्प लेकर कार्य कर रहे भीलवाड़ा जिले के श्री नवग्रह आश्रम मोतीबोर का खेड़ा की ओर से पंजाब की प्रमुख समाजसेवी सामाजिक संस्था आवाज संस्थान के तत्वावधान में चंडीगढ़ से 70 किमी दूर बलाचैर जिला नवांशहर में केंसर जागरूकता एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। दिन भर चले इस शिविर में आश्रम की ओर से संसथापक अध्यक्ष हंसराज चोधरी व यहां के चिकित्सा अधिकारी डा. प्रदीप चोधरी ने सेवाएं दी। इस शिविर का आयोजन पंजाब को केंसर मुक्त बनाने की दिशा में कारगर साबित हुआ तथा वहां के लोगों में केंसर के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने में काफी हद तक सफलता मिली। शिविर के शुभारंभ मौके पर वहां के क्षेत्रीय विधायक दर्शनलाल चोधरी, डेरा बोहरी साहिब के संत स्वामी दयालदास महाराज, पुलिस उपाधीक्षक राजकुमार बजराह, इंसपेक्टर श्रवण मील, पूर्व सरपंच सतनाम चेची सहित कई प्रबुद्व जन व शिक्षाविद मौजूद रहे।

शिविर संयोजक व आवाज संस्था के विनोद चेची ने बताया कि जागरूकता कार्यक्रम में उपस्थित केंसर रोगी व उनके परिजनों की ओर से किये गये प्रश्नोतरी कार्यक्रम में नवग्रह आश्रम संस्थापक हंसराज चोधरी ने प्रत्येक सवाल का उत्तर देकर कहा कि केंसर रोग कोई लाइलाज बिमारी नहीं है। एलोपथी चिकित्सा पद्वति में तो इसका संपूर्ण इलाज संभव नहीं है, हां कुछ समय के लिए राहत मिलती है पर कुछ समय बाद ही वो राहत केंसर रोग को बढ़ाने का कार्य करती है, क्यों कि केंसर के एलोपेथी के साइड इफेक्ट के कारण रोग बढ़ता रहता है तथा केंसर रोगी को अपनी जान को गंवाना पड़ता है। पंजाब में यह गौरखधंधा बड़े पैमाने पर पनप रहा है। हंसराज चोधरी ने आयुर्वेदिक व वानस्पतिक चिकित्सा पद्वति के बारे में विस्तार से बताते हुए दावा किया कि इससे कोई साइड इफेक्ट नहीं है तथा इस पद्वति से रोगी के ठीक होने की संभावना भी 75 प्रतिशत से ज्यादा है। उन्होंने आवाज संस्था के हौसंले को सलाम करते हुए कहा कि इस प्रकार का आयोजन करने से पंजाब को केंसर मुक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल हो सकेगी। इस पर आवाज संस्था के सभी पदाधिकारियों ने हाथ खड़े कर संकल्प किया कि इसे जारी रखा जायेगा ताकि पंजाब को केंसर मुक्त बनाया ही जाए।

शिविर के शुभारंभ मौके पर विधायक दर्शनलाल चोधरी ने कहा कि आयुर्वेदिक व वानस्पितक चिकित्सा पद्वति हमारी सनातन संस्कृति का हिस्सा रहा है पर समय के बदलते दौर में एलापेथी के बढ़ते प्रभाव से आम आदमी इस चिकित्सा पद्वति से दूर हो गया। उन्होंने कहा कि नवग्रह आश्रम व आवाज संस्था के समन्वित प्रयासों से इस प्रकार के आयोजन पंजाब में होते रहे तो पंजाब को केंसर मुक्त बनाने की दिशा में कारगर कदम उठाये जा सकेगें, इसके लिए जरूरत पड़ी तो वो पंजाब सरकार से भी वार्ता कर इस प्रकार के केंसर शिविरों के आयोजनों के लिए कार्य योजना तैयार करायेगें। उन्होंने सामाजिक संगठनों व स्वयंसेवी संस्थाओं से भी इस प्रकार के परमार्थ कार्यो में आगे आने का आव्हान किया। 

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पंजाब मूल के अब राजस्थान के कंवलियास के पूर्व उपसरपंच मनजीतसिंह कसाना ने संबोधित करते हुए कहा कि उनके मन में भी दर्द है कि आज पंजाब केंसर से जुझ रहा है। हम सबको ईमानदारी से केंसर रोगियों की सेवा कर उनको समय पर नवग्रह आश्रम की दवाईयां पहुंचानी है। निरंतर आयुर्वेद दवा व परहेज से केंसर का खात्मा जरूर होगा। 

आवाज संस्थान के प्रवक्ता विनोद चेची ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि गुरूनानक देव के 550 वें प्रकाश पर्व के मौके पर इस प्रकार का यह केंसर चिकित्सा एवं जागरूकता शिविर आवाज संस्थान, स्वर्ण बाजार के पास गढ़शंकर रोड़ बलाचोर पर आयोजित किया गया। इस पहले शिविर में 167 रोगियों का परीक्षण कर उनको दवाईयां उपलब्ध करायी गयी। आवाज संस्थान की ओर से पिछले काफी समय से केंसर सहित अन्य रोगों के आयुर्वेदिक व वानस्पतिक पद्वति से नवग्रह आश्रम के माध्यम से उपचार के लिए कार्य किया जा रहा है तथा श्री नवग्रह आश्रम के सहयोग से काफी केंसर रोगी ठीक हुए है। इस मौके पर आवाज संस्थान के विरेंद्र बजराह, विनोद चेची, राकेश भूंभला, सुरेंद्र फेहपर, हरिन्द्र बजराह की अगुवाई में आवाज टीम के सैकड़ों कार्यकर्ता शिविर में स्वयंसेवक के रूप् में मौजूद रहे। 

नवग्रह आश्रम के संस्थापक अध्यक्ष हंसराज चोधरी ने बताया कि आश्रम की देश में कहीं भी कोई शाखा नहीं है पर केंसर के पंजाब में बढ़ते प्रभाव तथा वहां फैल रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए यह पहला प्रयास कर वहां पर यह शिविर आयोजित किया गया है। 

मूलचन्द पेसवानी

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