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नाली के मरम्मत का काम आधा अधूरा, पर भुगतान हुवा पूरा

नाली के मरम्मत का काम आधा अधूरा, पर भुगतान हुवा पूरा

कुशीनगर, प्रदेश में योगी की सरकार बनते ही भय और भरस्टाचार मुक्त समाज की दावे करने वाले योगीराज में ही भरस्टाचार चरम सीमा पर है, अनेको प्रयास के बावजूद भी अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपने आदतों से बाज नही आ रहे है और वर्तमान की सरकार की छबि को धूमिल करने में कोई भी कोर कसर नही छोड़ रहे है, भरस्टाचार का एक और मामला नेबुआ नौरंगिया विकास खण्ड के ग्राम सभा लक्ष्मीपुर में प्रकाश में आया है जहाँ पर 30 मीटर नाली के मरम्मत कार्य करवाकर 367 मीटर मरम्मत कार्य दिखाकर फर्जी तरीके से लाखों रुपये का भुगतान करवाकर सरकारी धन का बंदरबाट कर लिया गया है, इस फर्जीवाड़ा का खुलासा जनसूचना मिलने के बाद हुवा,
नेबुआ नौरंगिया विकास खण्ड से महज कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्रामसभा लक्ष्मीपुर जो किसी जमाने मे आदर्श ग्राम पंचायत का दर्जा प्राप्त था पर वर्तमान की जनप्रतिनिधि के उपेक्षा के चलते आज ये ग्राम पंचायत अपनी दुर्दशा पर आशु बहाते हुवे अपने विकास के लिए तरस रहा है, नन्दू हरिजन के घर से लेकर परसन के खेत तक कि नाली जो आज से लगभग 13 वर्ष पूर्व की बनी हुई है उस नली कि जर्जर हालात होने पर राज्यवित्त योजना से वर्तमान के ग्राम प्रधान के द्वारा उसकी मरम्मत का कार्य कही – कही पर करवाकर महज कागजी कोरमपूर्ति करवा कर लगभग दो लाख रुपये का भुगतान करवा लिया गया है, मरम्मत के बाद भी उपरोक्त नाली के द्वारा समुचित पानी का निकास नही हो पा रहा था, ग्रामीणों के अनेको बार कहने के बाद भी जब ग्राम प्रधान ने ध्यान नही दिया तो एक जागरूक ग्रामीण के द्वारा जनसूचना अधिकार अधिनियम 2005 के द्वारा उक्त नाली सहित अन्य
बिन्दुओ पर भी जनसूचना की मांग की गई, जनसूचना के अनुसार तकरीबन 30 मीटर नाली मरम्मत कार्य के जगह पर 367 मीटर नाली मरम्मत का कार्य दिखाकर लगभग 2 लाख रुपये का भुगतान करवाकर और उस धन का बंदरबाट करके वर्तमान सरकार के भरस्टाचार मुक्त सरकार के दावे की सरेआम चुनौती दी गयी है, यहाँ तक कि उक्त नाली के मरम्मत में जो मजदूर कार्यरत थे उनके अलावा मस्टरोल में अनेको और फर्जी मजदूरो तथा उनके कार्य दिवस दिखाकर एक ही राइटिंग में अनेको नाम का लिखना और सबका सिग्नेचर लगभग एक समान होना सबके समझ से परे है, यहा तक कि मस्टरोल में पढ़े लिखे हुवे मजदूरों को एक परियोजना में सिग्नेटर करना और दूसरे में उसका अंगूठा का निशान होना तथा एक ही मजदूर का अलग – अलग परियोजनाओं में अलग – अलग सिग्नेटर का होना अपने आप मे एक रहस्य बना हुवा है,
शाकिर अली, दयालाल श्रीवास्तव, सुगन्ध कुमार, नित्यानंद श्रीवास्तव, शेषनाथ गौतम, योगेन्द्र शर्मा सहित अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है, गांव के विकास के लिए करोड़ों रुपये आ रहे हैं लेकिन उसका सारा पैसा फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ जा रहा है, निःशुल्क मिलने वाली सरकारी सुविधाये जैसे कि आवास, शौचालय और पेन्शन सहित अन्य योजनाओं को पात्रता के आधार पर पात्रो को उपेक्षित करके अपात्रो से धनउगाही करके उनको दी जा रही है, उपरोक्त प्रकरण की अनेको बार जांच भी कराई गई, और जांच में अनियमितता की पुष्टि भी हुई है लेकिन सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों की दोयम दर्जे की नीतियों के चलते ग्राम प्रधान के हौसले और भी बुलन्द है,
उपरोक्त प्रकरण में सहायक विकास अधिकारी नेबुआ नौरंगिया रविन्द्र प्रसाद के अनुसार नाली का बिना मरम्मत कार्य करवाये ही यदि धन का बंदरबाट किया गया है तो उसकी जांच करवाकर जिम्मेदारो के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जायेगी ..!!

अबुलैस अंसारी ब्यूरो चीफ कुशीनगर

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