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पत्रकारों को रियायती दर पर भूखण्ड के लिए योजना बनाएं -मुख्यमंत्री

राजस्थान संवाद की साधारण सभा की बैठक

पत्रकारों को रियायती दर पर भूखण्ड के लिए योजना बनाएं -मुख्यमंत्री

‘संवाद द्वारा योजनाओं के प्रचार-प्रसार की पहुंच गांव-ढाणी तक हो‘

मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने पत्रकारों के लिए रियायती दरों पर भूखण्ड आवंटित करने के लिए न्यायिक विवाद के कारण नायला आवासीय योजना का विकल्प तलाशने और वर्ष 2002 में प्रारम्भ की गई नीति के तहत पत्रकारों के लिए आवासीय योजना पर काम जारी रखने के साथ-साथ मेडीकल डायरी तथा आर्थिक सहायता आदि पत्रकार कल्याण की योजनाओं का विस्तार करने का निर्णय लिया है। उन्होंने राजस्थान संवाद के माध्यम से सरकार के कार्यक्रमों और योजनाओं के प्रचार कार्याें में गति लाने के निर्देश भी दिए।  

श्री गहलोत शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर राजस्थान संवाद की साधारण सभा और सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्थान संवाद के उद्देश्यों में वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुसार बदलाव करें, जिससे सरकार के जनकल्याणकारी निर्णयों एवं योजनाओं की जानकारी अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाई जा सके। उन्होंने राजस्थान संवाद को एक ऎसे इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया कि प्रचार-प्रसार के कार्याें की पहुंच गांव-ढाणी तक हो सके। 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जयपुर के नायला में पत्रकारों को भूखण्ड आवंटित करने के लिए आवासीय योजना के न्यायिक विवाद के दृष्टिगत अन्य विकल्पों पर विचार करने तथा वर्ष 2002 में प्रारम्भ की गई नीति के तहत पत्रकारों के लिए नई आवासीय योजनाओं पर कार्य जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता जन सरोकारों से जुड़ा सेवा का एक सशक्त माध्यम है और इसमें काम करने वाले लोगों के कल्याण की योजनाएं राज्य सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए। 

श्री गहलोत ने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सरकार ने पत्रकार कल्याण कोष का गठन कर उनके लिए मेडिक्लेम बीमा, निशुल्क बस यात्रा, मेडीकल डायरी, पत्रकार सम्मान पेंशन योजना तथा आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने पत्रकार कल्याण कोष के एफडीआर से प्राप्त ब्याज से संचालित मेडीकल डायरी योजना का लाभ सवैतनिक गैर-अधिस्वीकृत पत्रकारों को भी देने के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए 6 गंभीर बीमारियों की स्थिति में देय 1 लाख रूपए तक की आर्थिक सहायता को किसी भी गंभीर बीमारी के लिए देने तथा सहायता राशि को बढ़ाकर 2 लाख रूपए करने का भी निर्णय लिया। बैठक में राजस्थान वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकार सम्मान योजना (पेंशन योजना) की प्रतिमाह राशि 5 हजार रूपए से बढ़ाकर 10 हजार रूपए करने का निर्णय लिया गया। 

बैठक में सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त श्री महेन्द्र सोनी ने राजस्थान संवाद के उद्देश्यों तथा संस्था द्वारा करवाए जा रहे प्रचार-प्रसार के कार्यों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया तथा आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की गतिविधियों की जानकारी दी तथा भविष्य की योजनाओं की रूप-रेखा प्रस्तुत की। बैठक में विभाग के भवन के नवीनीकरण के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, कम्प्यूटराइजेशन एवं आधुनिकीकरण का भी निर्णय लिया गया। 

सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री श्री रघु शर्मा ने विभाग की ओर से प्रकाशित पत्रिका ‘सुजस‘ की सामग्री और प्रस्तुतीकरण को अधिक बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। 

सूचना एवं जनसम्पर्क राज्यमंत्री श्री सुभाष गर्ग ने भी विभाग के प्रचार-प्रसार से जुड़ी गतिविधियों के बारे में कई सुझाव दिए। 

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री राजीव स्वरूप, अति. मुख्य सचिव वित्त श्री निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव सूचना एवं जनसम्पर्क श्री अभय कुमार तथा विशिष्ट शासन सचिव ग्रामीण विकास श्री पीसी किशन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। प्रमुख शासन सचिव राजकीय उपक्रम विभाग श्री नरेश पाल गंगवार, शासन सचिव शिक्षा श्रीमती मंजू राजपाल, आयुक्त चिकित्सा एवं स्वास्थ्य (आईईसी) श्री नरेश कुमार ठकराल तथा अतिरिक्त निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क श्री पी.पी. त्रिपाठी और श्रीमती अल्का सक्सेना वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में उपस्थित रहे। 

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