Breaking News
Home / राजस्थान / करौली / पांचना डैम कमांड एरिया के तत्वावधान में गांव में रैंडायल तुर्क में पांचना चौपाल का आयोजन

पांचना डैम कमांड एरिया के तत्वावधान में गांव में रैंडायल तुर्क में पांचना चौपाल का आयोजन

गंगापुर सिटी 6 सितंबर पांचना डैम कमांड एरिया के तत्वावधान में गांव में रैंडायल तुर्क में पांचना चौपाल का आयोजन हुआ।जिससे जीतेन्द्र पिलोदा ने वताया की चौपाल की अध्यक्षता पृथ्वी सिंह धीरावत ने की।

   चौपाल के मुख्य वक्ता परिषद के महामंत्री महेन्द्र सिंह मीना ने उपस्थित ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पांचना बांध का पानी नहरों में अवश्य आयेगा । यह हमारा संकल्प है।

     मीना ने कहा कि भावी भारत को एक स्वस्थ समाज के नाते देखना चाहते हैं तो हमारे सामने एक ही विकल्प है और वह है सज्जन शक्ति को मजबूत करना।

   मीना ने कहा कि देश का हर नागरिक चाहता है कि देश का भविष्य अच्छा हो। लोग समृद्ध और सुसंस्कृत हों, यहां का पर्यावरण स्वच्छ हो, सीमाएं सुरक्षित हों और लोग अमन-चैन से रहें।आज जबकि देश आजाद है, हमारे ऊपर विदेशी शासकों की जकडन नहीं है और बहुसंख्यक लोग देश की भले की सोच रहे हैं, तो प्रश्न उठता है कि ऐसी क्या बात है जिसके कारण हम आगे नहीं बढ पा रहे हैं।उल्टे हमारी समस्याएं ही दिनों-दिन बढती जा रही हैं।बात की तह तक पहुंचने के लिए हमें पहले समाज की रचना पर गौर करना होगा।

       मीना ने कहा कि जो लोग देश और समाज के बारे में अच्छा सोचते हैं, उन्हें तीन भागों में बांटा जा सकता है।पहला समूह वंचित समाज का है जो वर्तमान व्यवस्था का शिकार है।यह समाज का वह हिस्सा है जो देश के लिए तो अच्छा सोचता है, लेकिन उसकी खुद की स्थिति अच्छी नहीं है।वह दीन-हीन है और तमाम शोषण का शिकार है।दो वक्त की रोटी जुटाने में ही उसकी सारी ऊर्जा तिरोहित हो जाती है।देश की शासन व्यवस्था समाज के इस वर्ग को बोझ मानती है।दिनों-दिन विपन्नता के भंवर में धंसता जा रहा यह समाज किसी क्रांति का ईंधन बन सकता है, लेकिन चिंगारी पैदा करने की उसकी क्षमता क्षीण हो चुकी है।दुर्भाग्यवश देश की आधी से अधिक आबादी इसी श्रेणी में है।जब हम भावी भारत की तस्वीर बनाने के बैठें तो इस वंचित वर्ग को सबल और सक्षम बनाना हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

     मीना ने कहा कि समाज का दूसरा वर्ग उन लोगों का है जो देश के लिए अच्छा-अच्छा सोचते हैं।वो देश के लिए बहुत कुछ कर भी सकते हैं।कई मामलों में वे कुछ करते भी हैं।लेकिन अपने स्वार्थ पूर्ति के लिए वो देशहित को पीछे छोडने में भी नहीं हिचकते।उनकी प्राथमिकता में हमेशा उनका अपना स्वार्थ होता है।राजसत्ता और अर्थसत्ता के शिखर पर बैठे तमाम लोगों में से अधिसंख्यक आज इस श्रेणी में शामिल हैं।वर्तमान व्यवस्था इन लोगों का पोषण करती है, इसलिए वे इसके सबसे बडे हिमायती हैं।संक्षेप में कहें तो समाज का यह स्वार्थी वर्ग है जो देश के हितैषी होने का ढोंग तो करता है, लेकिन वह देश के लिए वास्तव में कुछ ठोस सकारात्मक काम नहीं करता।उल्टे देश हित में काम करने वाली सच्ची ताकतों को रोकने, उन्हें नुकसान पहुंचाने और जरूरत पडने पर उन्हें नष्ट करने में ही लगा रहता है।उदाहरण के लिए दलाली और घुसखोरी के जरिए दौलत कमाने वाला कोई धनपति तमाम तरह के सामाजिक कामों में पैसा लगाएगा, लेकिन वह किसी भी ऐसे प्रयास को सफल नहीं होने देगा जो उसके पैसा कमाने में अडचन पैदा करती हो।कई बार तो ऐसे लोग अपने हितों के खिलाफ काम करने वाले लोगों की एक नकली फौज भी तैयार कर लेते हैं जो उनके लिए उत्पन्न असली चुनौतियों को नाकारा बना देती है।देश के उज्जवल भविष्य के रास्ते में ऐसे लोगों का समूह सबसे बडा खतरा है।

      मीना ने कहा कि तीसरा समूह अपेक्षाकृत रूप से सबसे छोटा है।लेकिन भावी भारत के सभी सुंदर सपने इसी समूह के कंधों पर हैं।इस समूह के लोगों को हम सज्जन शक्ति का नाम दे सकते हैं।ये वो लोग हैं जिनके व्यक्तिगत हित और देश-हित में कोई अंतर्विरोध नहीं है।वंचित समाज को ऊपर उठाने और स्वार्थी समाज की नकेल कसने में इस समूह के लोग हमेशा लगे रहते हैं।इस प्रक्रिया में इनका स्वार्थी समाज के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष टकराव प्रायः चलता रहता है।स्वाभाविक रूप से वंचित समाज को सज्जन शक्ति के साथ होना चाहिए लेकिन सहज रूप से ऐसा होता नहीं है।स्वार्थी समाज ऐसा मायाजाल बुनता है कि वंचित समाज उसे अपना दोस्त मान लेता है जबकि सज्जन शक्ति को वह अपनी प्रगति में रुकावट मानने लगता है।

   मीना ने कहा कि उपर्युक्त तीन समूहों में बंटा समाज सार्वकालिक सत्य है।किसी भी एक समूह को पूरी तरह मिटाना संभव नहीं है।

   मीना ने कहा कि सत्ता पक्ष बल्कि विपक्ष भी जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका है।विपक्षी दलों से यह अपेक्षा थी कि वे सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करते हुए उस पर अंकुश रखेंगी।लेकिन ऐसा हो नहीं रहा।अर्थसत्ता और राजसत्ता के अपवित्र गठजोड ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कमांड एरिया में जो हालत हैं गंभीर है।ऐसे में माड क्षेत्र की सज्जन शक्ति के लिए जरूरी हो गया है कि वह आम आदमी के हक की लडाई लडने के लिए पांचना मित्रों ने पांचना डैम कमांड एरिया विकास परिषद का गठन किया है।

  मीना ने कहा कि परिषद गांव -गांव जागरण कर रही है ।जीवन का सिद्धांत है-जब-जब रात्रि का अधंकार अपने चरम पर होता है, तो नयी सुबह का प्रकाश भी बिलकुल नजदीक होता है।प्रश्न हमारे सामने यह है कि हम किसका साथ दें ?उस अधंकार का जो अभी छाया हुआ है ?या उस सवेरे का जो दिखाई तो नहीं दे रहा, लेकिन बस आने को ही है ?-जैसा हमारा चुनाव होगा, वैसा ही हमारा जीवन और ऊसकी सम्भावनाएँ हो। परिषद की भावनाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप, कमांड एरिया (माड क्षेत्र )में पांचना बांध का पानी नहरों में फसल सीजन के समय खुले।

  मीना ने कहा कि परिषद मानती है कि व्यक्ति और समाज के रूप में हमारी वर्तमान कमियाँ, कमजोरियाँ और समस्याएं हमेशा का सत्य नहीं है।हमारा शाश्वत सत्य है दिव्यता।इसलिए परिषद चुनाव करती है भविष्य की दिव्य सम्भावनाओं का ..।

    चौपाल में विक्रम सिंह ने कहा कि परिषद का प्रयास सराहनीय है। हम पानी की वजह से परेशान हैं। कोरोना के समय.शहर से गांव में आ गये ऐसे समय नहरों में पानी अतिआवश्यक है। भागमल गुर्जर डीलर ने कहा कि नहरों मैं पानी इस बर्ष अवश्य आयेगा। कमांड एरिया के.गांवों का बच्चा -बच्चा सत्याग्रह में साथ है। रणजीत सिंह एडवोकेट ने कहा कि जल स्तर नीचे चले गया है। चौपाल के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह धीरावत ने कहा कि नहरें जब आती थी तब हमने सोचा था कि हमारा क्षेत्र पंजाब हरियाणा बनेगा। लेकिन नहरों के बिना रेगिस्तान बन गया है। जल ही जीवन है। हमारे गांव का बच्चा -बच्चा सत्याग्रह में साथ रहेगा ।परिषद के प्रवक्ता भगवान सहाय रौंसी ने ग्रामीणों को पांचना बांध का पानी लाने की शपथ दिलाई। चौपाल में पांचना केन्द्र धूणी के प्रभारी शिवकेश मीना ,पांचना ग्राम परिषद ,रैडायल तुर्क के उपाध्यक्ष भवानी सिंह, रणवीर सिंह., महामंत्री ज्ञान सिंह मंत्री जगजीत सिंह आदि गणमान्य उपस्थित थे।

Check Also

ACB की बड़ी कार्रवाई-सपोटरा

सपोटरा में ACB की बड़ी कार्रवाई तहसीलदार विष्णु भारद्वाज 8000 की रिश्वत लेते रंगे ट्रेप,पेट्रोल …