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पूर्व नरेश इंद्रजीत देव का निधन, पंजाब के राज्यपाल की ओर से चढ़ाया पुष्पचक्र भीलवाडा

पूर्व नरेश इंद्रजीत देव का निधन, पंजाब के राज्यपाल की ओर से चढ़ाया पुष्पचक्र
शाहपुरा-(मूलचन्द पेसवानी)
शाहपुरा रियायत के अंतिम नरेश इन्द्रजीत देव का लंबी बिमारी के बाद मंगलवार को निधन हो गया। वो 85 वर्ष के थे। उनके कोई संतान न होने के कारण उनके भानजे जयसिंह व शत्रुजीतसिंह राठौड़ ने मुखाग्नि दी। कोरोना लोकडाउन होने के कारण सीमिति संख्या में अंतिम संस्कार में परिजनों के साथ लोग शामिल हुए। पंजाब के गर्वनर वीपी सिंह बदनोर की ओर से शाहपुरा की उपखंड मजिस्टेªट श्वेता चोहान व तहसीलदार रामकुमार टाड़ा ने पुष्पचक्र अर्पित किया। इस मौके पर लेफ्टिनेंट कर्नल महावीर सिंह, पूर्व विधायक पराक्रमसिंह सहित राजपरिवार के सदस्य मौजूद रहे।
अंतिम नरेश इन्द्रजीत देव पिछले लंबे समय से बीमार थे। आज दोपहर में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके राजपरिवार आवास रैतिया पैलेस से उनकी अंतिम यात्रा प्रांरभ हुई। अंत्येष्ठि रामद्वारा शमशान में हुई। इस दौरा रामनिवास धाम के सुरजपोल से रामस्नेही संतों ने भी अंतिम नरेश को श्रद्वाजंलि अर्पित की।
यहां पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनोर की ओर से शाहपुरा की उपखंड मजिस्टेªट श्वेता चोहान व तहसीलदार रामकुमार टाड़ा ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रृद्वांजलि अर्पित की। उन्होंने जिला कलेक्टर राजेन्द्र भट्ट की ओर से भी पुष्पचक्र अर्पित किया। इस मौके पर आर्य समाज के पदाधिकारियों ने वैदिक मंत्रोचार के साथ अंत्येष्ठि संपन्न करायी। जनप्रतिधियों सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सोशल डिस्टेसिंग बनाये रखते हुए पुष्प् अर्पित किये।
शाहपुरा रियासत का आजादी आंदोलन में खुब सहयोग रहा। यहां 14 अगस्त 1947 को ही राजपरिवार ने जनता को अपना शासन सौंप कर यहां स्वतंत्र सरकार का गठन कर दिया था। इंद्रजीत देव का जन्म उनके ननिहाल में 9 मार्च 1935 शनिवार को हुआ था। उनकी प्रांरभिक शिक्षा शाहपुरा में ही हुई। उसके बाद उन्होंने राजकोट के राजकुमार काॅलेज से सीनियर कैंब्रिज परीक्षा पास की। उनका विवाह 28 फरवरी 1960 को जामनगर निवासी जाडेजा कुंवर माधव सिंह की सुपुत्री राजेश्वरी देवी के साथ हुआ था।
स्व. इन्द्रजीत देव पूर्व नरेश सुदर्शन देव चैरिटेबल ट्रस्ट, आर्य समाज, परोपकारिणी सभा, क्षत्रिय महासभा सहित कई सामाजिक संगठनों से सक्रियता से जुड़े रहे थे।

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