Home / देश / पेगासस से कैसे की जाती थी राजनेताओं और पत्रकारों की जासूसी |

पेगासस से कैसे की जाती थी राजनेताओं और पत्रकारों की जासूसी |

पेगासस से कैसे की जाती थी राजनेताओं और पत्रकारों की जासूसी |

स्पाइवेयर पेगासस के जरिये व्हाट्सएप की जासूसी ने पूरी दुनिया को हैरान और परेशान कर दिया लेकिन सबसे बड़ी बात ये थी कि जिन लोगों की जासूसी हुई, उसमें भारत के नागरिक भी शामिल हैं। ये नागरिक राजनेता हैं, पत्रकार हैं, सामाजिक कार्यकर्ता हैं, प्रोफेसर हैं, वकील हैं।

विपक्ष का आरोप है कि पेगासस कंपनी सिर्फ सरकारों को ये स्पाइवेयर बेचती है तो फिर सवाल ये कि भारत में ये कैसे पहुंचा और किसने इसे खरीदा? आरोप है कि इजरायली फर्म के स्पाइवेयर पेगासस के जरिए व्हाट्सएप पर भारतीय पत्रकारों और ऐक्टिविस्टों की जासूसी कराई गई।

मामले का खुलासा पहली बार इसी साल मई में हुआ जब कैलिफोर्नियो के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में वॉट्सऐप ने पेगासस डिवेलप करने वाले फर्म के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इजरायल के इस मैलवेयर ने वॉट्सऐप के विडियो कॉलिंग फीचर के माध्यम से अटैक किया जिसने करीब 1400 लोगों को निशाना बनाया। इस मैलवेयर के सामने आने के बाद वॉट्सऐप ने 13 मई को तत्काल अपडेट की घोषणा की।

Support us

कोई भी मीडिया हो उन्हें कभी फंड की चिंता नहीं करनी पड़ती क्यूंकि लोकतंत्र को बचाने के नाम पर उन्हें विभिन्न स्रोतों से पैसा मिलता है। लेकिन हमें सच की लड़ाई लड़ने के लिए आपके समर्थन की आवश्यकता है। आपसे जितना हो सके हमें योगदान करें ताकि हम आपके लिए आवाज उठा सकें।

Donate with

Check Also

25 नवंबर से बिना कोरोना रिपोर्ट के एंट्री नहीं

25 नवंबर से बिना कोरोना रिपोर्ट के एंट्री नहीं  महाराष्ट्र महाराष्ट्र जाने के लिए RT-PCR …

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *