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प्लास्टिक अपषिष्ट मुक्त व ओडीएफ-एस पर कार्यषाला सम्पन्न- दोसा

प्लास्टिक अपषिष्ट मुक्त व ओडीएफ-एस पर कार्यषाला सम्पन्न

दौसा 9 दिसम्बर। सम्पूर्ण स्वच्छता के लक्ष्य को वास्तविक रूप में प्राप्त कर स्वच्छता की निरन्तरता बनाये रखने हेतु 9 दिसम्बर 2019 को स्वच्छ भारत मिषन (ग्रामीण) के अन्तर्गत जिला परिषद सभागार में प्लास्टिक अपषिष्ट मुक्त व ओडीएफ-एस पर कार्यषाला आयोजित की गई।कार्यषाला में जिला प्रमुख गीता खटाणा, विधायक बांदीकुई जी.आर. खटाणा, जिला परिषद सदस्य, जिला स्तरीय अधिकारी एवं सभी विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यषाला को सम्बोधित करते हुये जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लक्ष्मीकांत बालोत ने बताया कि स्वच्छ भारत मिषन ग्रामीण योजनान्तर्गत ’’प्लास्टिक अपषिष्ट मुक्त अभियान’’ 11 सितम्बर 2019 से प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया था। इसमें हमें अपने घर-दफ्तर एवं कार्य क्षेत्रें को 2 अक्टुबंर 2019 तक सिंगल यूज प्लास्टिक (एक बार उपयोग करके फेंक दिया जाता है), से मुक्त करना है। इस अभियान के तहत दौसा जिले की सभी 233 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक अपषिष्ट मुक्त अभियान का आयोजन करवाया गया था, जिसमें ग्रामीणों ने भी भाग लिया और प्रत्येक ग्राम पंचायत में 5 से 10 कि.ग्रा सिंगल यूज प्लास्टिक कचरा जिसमें कि एक बार उपयोग कर फेंक देने वाली सामग्री प्लास्टिक बोतल, थैलियां, चम्मच, प्लेट, काॅफी कप आदि शामिल हंै, उन्हें एकत्रित कर ग्राम पंचायत/चिन्हित स्थान पर कचरा संग्रहण किया गया है और अब भी किया जा रहा है। इस प्लास्टिक कचरे के निस्तारण हेतु रणनीति तैयार कर मषीन के द्वारा रिसाईकिल किया जाने या राष्ट्रीय राजमार्ग में सडक निर्माण हेतु उपयोग के लिए परिवहन द्वारा भिजवाये जाने पर विचार किया जा रहा है।

उन्होने बताया कि जिले को माह जनवरी 2018 में बेसलाईन सर्वे 2012 के अनुसार खुल में शौच मुक्त घोषित किया गया था। अब खुले में शौच से मुक्त दर्जे के स्थायित्व एवं निरन्तरता बनाये रखने हेतु ग्राम पंचायतों में प्रभात-फेरी एवं समझाईष के माध्यम से ग्रामीणों को शौचालय का उपयोग करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। यह कार्य अधिकारियों, कर्मचारियों, योजना के कार्मिकों एवं स्वच्छाग्राहियों द्वारा किया जा रहा है। विभाग के निर्देषानुसार समय≤ पर विभिन्न गतिविधियों एवं स्वच्छता उत्सवों तथा रैलियों का आयोजन करवाया जाता है। आयोजित पखवाडों के दौरान स्वच्छता रथ भी चलाये जाते हैं, जो सभी ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर शौचालय के निरंतर उपयोग तथा स्वच्छता बनाये रखने के संदेष का प्रचार-प्रसार करते हंै।

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