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फूलडोल महोत्सव में प्रशासनिक व्यवस्थाओं की खुली पोल-भीलवाडा

फूलडोल महोत्सव में प्रशासनिक व्यवस्थाओं की खुली पोल

 रामभरोसे संपन्न हुआ फूलडोल महोत्सव

 शाहपुरा 14 मार्च 2020 शाहपुरा क्षेत्र में सर्वाधिक उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाने वाला पांच दिवसीय फूलडोल महोत्सव हालांकि शनिवार को संपन्न हो गया, परंतु इस दौरान प्रशासनिक अव्यवस्थाओं ने महोत्सव में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के जीवन के साथ जमकर खिलवाड़ किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर के रामस्नेही संप्रदाय की प्रमुख पीठ शाहपुरा में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले पांच दिवसीय फूलडोल महोत्सव में प्रदेश ही नहीं अपितु अन्य प्रदेशों और विदेशों तक से श्रद्धालु पहुंचते हैं ऐसे में नगरपालिका, चिकित्सा और पुलिस व्यवस्था की पोल आखिर फूलडोल महोत्सव के आखिरी दिन खुल ही गई। फूलडोल महोत्सव के दौरान प्रति वर्ष की भांति नगर पालिका द्वारा आयोजित होने वाले मेले में बनाई जाने वाली अस्थाई दुकानें हर वर्ष कोई न कोई विवाद में आ ही जाती है। कभी दुकाने आवंटन में मिलीभगत तो पिछले वर्ष मेले का स्थान परिवर्तन करने को लेकर जमकर विवाद बरपा था। इस वर्ष भी पालिका प्रशासन की व्यवस्थाओं को लेकर कई विरोधाभास उत्पन्न हुए। जिनमें फूलडोल महोत्सव के आमंत्रण पत्र पर स्थानीय विधायक और सांसद का फोटो नहीं होना विवाद का केंद्र रहा हालांकि यह आमंत्रण पत्र सोशल मीडिया पर ही प्रसारित हुआ जानकारी अनुसार विवाद होने पर इसकी छपाई रुकवा दी गई थी। वही महोत्सव के तीसरे दिन कवि सम्मेलन में वीआईपी पास वितरण व्यवस्था भी काफी चर्चा में रही जिसको लेकर विपक्ष ही नहीं पालिका के पक्ष वाले पार्षद भी नाखुश नजर आए। पालिका प्रशासन की सबसे बड़ी गैर जिम्मेदाराना हरकत फूलडोल महोत्सव के आखिरी दिवस नजर आई जिसमें मेला ग्राउंड में लगी अस्थाई दुकानों में करंट प्रसारित होने से एकाएक सनसनी फैल गई। जानकारी अनुसार फूलडोल महोत्सव में बनने वाली अस्थाई दुकानों के साथ ही विद्युत व्यवस्था के लिए अलग से टेंडर हुआ था। सूत्रों के अनुसार मेला ग्राउंड में विद्युत व्यवस्था हेतु अस्थाई दुकानों को छोड़कर अलग से विद्युत लाइन लगाने व हैलोजन लाइट लगाने के लिए प्रति बल्ली 13 रुपए का टेंडर हुआ था। परंतु अस्थाई दुकानें बनाने वह विद्युत व्यवस्था का ठेका एक ही ठेकेदार के पास होने के कारण उसने अस्थाई दुकानों के निर्माण के साथ ही दुकानों के ठीक ऊपर विद्युत की लाइन डालकर हैलोजन लाइट लगा दी। कुछ लोगों द्वारा स्पार्किंग या शॉर्ट सर्किट से दुकानों में आग लग जाने की शिकायत करने के बावजूद पालिका ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। परंतु पांचवे दिन विद्युत लाइन कट जाने के कारण कुछ दुकानों में करंट आने की सूचना मिलते ही मेला ग्राउंड में सनसनी फैल गयी। मेला ग्राउंड में बने कंट्रोल रूम से तुरंत उक्त दुकानों के आसपास लोगों को जाने से रोकने का अनाउंस करवाना पड़ा। आनन-फानन में ठेकेदार ने मौके पर पहुंचकर उक्त फाल्ट को दुरुस्त किया इसके बाद भी दुकानदारों में करंट का डर बना रहा।

 *कोरोना वायरस के प्रति चिकित्सा विभाग बना रहा लापरवाह* 

 विश्व भर में करीब 100 से अधिक देशों में महामारी के रूप में प्रकोप दिखा रहे कोरोना वायरस को लेकर जहां राज्य सरकार ने स्कूल कॉलेज सहित सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया। विश्व भर में भीड़ एकत्रित नहीं हो इसको लेकर जमकर प्रयास किए जा रहे हैं, जगह-जगह लोगों को कोरोना वायरस से बचने की सलाह व जानकारियां दी जा रही है ऐसे में पांच दिवसीय फूलडोल महोत्सव में प्रदेश ही नहीं अपितु पूरे देश से करीब 30 से 40 हजार लोगों ने शिरकत की ऐसे में चिकित्सा विभाग की ओर से कोई भी माकूल व्यवस्था पांचो दिन नजर नहीं आई। मेले में जमकर भीड़ बरपी परंतु चिकित्सा विभाग के आला अधिकारी टांग पसार बैठे रहे। पूरे मेले में कुछेक लोगों के अलावा कोई भी मास्क लगाए नहीं दिखा। 

 *चोर उचक्को नहीं रोक पाई पुलिस* 

पांच दिवसीय फूलडोल महोत्सव में पुलिस व्यवस्था की पोल भी जमकर खुली महोत्सव के दौरान जेब कतरे और असामाजिक तत्व अपने काम को अंजाम देते रहे। जानकारी अनुसार फूलडोल महोत्सव में हजारों रुपयों की जैबतराशि हुई वही फूलडोल महोत्सव के अंतिम दिन होने वाली भारी भीड़ का फायदा उठाकर रामनिवास धाम से उचक्के कुछ महिलाओं के गहने और कई अन्य लोगों के जेब काट कर हजारों रुपए की नकदी पर हाथ साफ कर गए। सूचना मिलने के बाद सैकड़ों की संख्या में फूलडोल महोत्सव में तैनात पुलिसकर्मीयों के हाथ पांव फुल गए। आनन-फानन में संदिग्ध लोगों को पकड़कर पूछताछ करने थाने ले गए। वही बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही महाविद्यालय परीक्षा के दौर में फूलडोल महोत्सव के मेले में शरारती तत्व तेज आवाज के बाजे बजाते फिरते रहे। यह सिलसिला देर रात तक भी जारी रहता रहा। परंतु पुलिस पूर्णतया बेबस ही नजर आई।

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