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बेरोजगारी व भूख से परेशान श्रमिक परिवारों सहित सड़क पर उतरे, प्रदर्शन कर घर वापसी की मांग भीलवाड़ा

बेरोजगारी व भूख से परेशान श्रमिक परिवारों सहित सड़क पर उतरे, प्रदर्शन कर घर वापसी की मांग
भीलवाड़ा-(मूलचन्द पेसवानी)
वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए कफ्र्यू व लॉकडाउन के 52 वे दिन रविवार को बड़ी तादाद में यहां की फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिक परिवारों सहित पांसल चैराहे पर जमा हो गए और अपने पेतृक गांव भेजने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। धारा 144 लागू होने के बावजूद सैंकड़ों श्रमिकों के जमा होने व सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं होने पर भी पुलिस मूक दर्शक बनकर खड़ी रही। सूचना मिलने पर प्रताप नगर थानाधिकारी भजनलाल मौके पर पहुंचे और बड़ी तादाद में लोगों के जमा होने की प्रशासन को सूचना दी जिस पर एसडीएम आईएएस टीना डाबी मौके पर पहुंची और श्रमिकों की समस्याएं सुनकर उन्हें आश्वासन दिया। इसके बाद लोग घरों की ओर लौट गए। एक श्रमिक नेता ने तो यहां तक कह दिया कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती है तो आंदोलन किया जाएगा।
श्रमिकों ने बताया कि वे लंबे समय से यहां परिवार के साथ रह रहे हैं। लॉकडाउन के बाद से वे किराये के घर पर ही हैं। आमदनी नहीं हो रही है। फैक्ट्री मालिक वेतन नहीं दे रहे हैं। पैसे खत्म होने से उनके सामने समस्या विकट हो गई है। प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिल रही जिससे उनके सामने खाने के लाले पड़ गए हैं। ऐसे में उन्होंने घर जाने के लिए प्रशासन से पास बनाने की मांग भी की लेकिन उन्हें न तो पास दिए जा रहे हैं और न ही जाने की इजाजत। प्रशासन अनुमति दे दे तो वे लोग पैदल ही चले जाएंगे।
इस दौरान पूर्वांचल जनचेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. अशोक सिंह ने बताया कि भीलवाड़ा में बाहरी राज्यों उत्तरप्रदेश, बिहार, उड़ीसा, बंगाल के श्रमिक काम करते हैं। लॉकडाउन के बाद से उन्हें वेतन नहीं मिला है। फैक्ट्री मालिक कहते हैं कि सभी श्रमिकों को मार्च का वेतन दे दिया गया है लेकिन अधिकतर श्रमिकों को मार्च का वेतन नहीं मिला है। श्रमिकों की मांग है कि उन्हें मार्च व अप्रैल का वेतन दिया जाए। भोजन की व्यवस्था की जाए। इसके अलाव उनका तीन महीने का मकान किराया, बिजली-पानी के बिल व बच्चों की स्कूल फीस माफ की जाए। निशुल्क राशन दिया जाए। जिनके राशनकार्ड नहीं हैं, उन्हें भी निशुल्क राशन का वितरण किया जाए। अगर प्रशासन इतना भी नहीं कर सकता तो उनके गांव जाने की व्यवस्था करवाई जाए।
बिहार निवासी रमावती देवी ने कहा कि मकान मालिक किराया देने का दबाव बना रहा है। वार्ड पार्षद भी सुनवाई नहीं करता। श्रमिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि मेडिकल कराने अस्पताल गए तो कहा गया कि यूपी बिहार के लोगों का चेकअप नहीं होगा। संदीप ने कहा कि भीलवाड़ा के लोगों को बाहरी राज्यों से लेकर गाडियां आ रही है तो यूपी बिहार के लोगों को क्यों नहीं भेजा जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही प्रतापनगर थानाधिकारी भजनलाल मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और मजदूरों से उनकी पीड़ा सुनी।
एसडीएम टीना डाबी ने कहा कि श्रमिकों ने प्रदर्शन किया है और घर भेजने की मांग की है। श्रमिकों को वेतन नहीं मिलने की बात पर एसडीएम ने कहा कि फैक्ट्री मालिकों से बात कर वेतन संबंधी समस्या का कोई न कोई समाधान निकाला जाएगा। कुछ लोगों ने मकान मालिकों पर किराया देने का दबाव बनाने की शिकायत की है तो ऐसे मकान मालिकों से समझाइश की जाएगी। कुछ लोगों ने राशन नहीं होने की बात भी कही जिस पर उनके नाम पते नोट किए गए है। गांव भेजने की जहां तक बात है, तो ग्रुप वाइज नाम नोट किए जा रहे हैं जिससे आगे से निर्देश मिलने के बाद इन्हें भेजने की कार्यवाही की जाएगी।

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