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भीलवाड़ा के संप्रेषणगृह की सुरक्षा व्यवस्था को धत्ता बताकर फिर भागे सात बाल अपचारी

भीलवाड़ा के संप्रेषणगृह की सुरक्षा व्यवस्था को धत्ता बताकर फिर भागे सात बाल अपचारी

भीलवाड़ा-(मूलचन्द पेसवानी)

भीलवाड़ा शहर से सटे पालड़ी गांव स्थित संप्रेषणगृह से सोमवार को फिर से सात बाल अपचारी फरार हो गये। यह घटना उस वक्त घटी जब इन्हें उपर के कमरे से नीचे लाया जा रहा था। सभी बाल अपचारियों ने ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड को धक्का देकर नीचे गिरा दिया और वहां से भाग गये। इस घटना से समाज कल्याण विभाग में हड़कंप मचा है। इस बीच, तलाश में जुटी पुलिस ने इनमें से एक अपचारी को दबोच लिया, जो झाडिय़ों में छिपा था। पुलिस का सर्च अभियान फिलहाल जारी है। 

सदर थाना प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि पालड़ी स्थित बाल संप्रेषणगृह से आज बाल अपचारियों को उपर के कमरे से नीचे लाया जा रहा था। इसी दौरान सात बाल अपचारियों ने उनकी सुरक्षा में तैनात होमगार्ड कर्मचारी को धक्का दे दिया और एक साथ सात बाल अपचारी संप्रेषणगृह से निकल कर जंगल की तरफ भाग गये। इस घटना से समाज कल्याण विभाग में हड़कंप मच गया। इसकी सूचना सदर थाना पुलिस को दी। जिलेभर में नाकाबंदी भी करवा दी गई। सदर थाना प्रभारी मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और पालड़ी से सटी कोठारी नदी की झाडिय़ों में सर्च अभियान छेड़ा। इस दौरान सात में से एक अपचारी झाडिय़ों में छिपा मिल गया, जिसे संप्रेषणगृह भिजवा दिया गया। शेष 6 अपचारियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। फिलहाल इन 6 अपचारियों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। 

एक अपचारी पर हत्या का आरोप-थाना प्रभारी ने बताया कि संप्रेषणगृह से भागे बाल अपचारियों में से एक पर हत्या का आरोप है। वहीं अन्य पर लड़कियों को परेशान करने जैसे छोटे-मोटे आरोप हैं। इन छह अपचारियों में से 3 ऐसे अपचारी भी शामिल हैं जो पूर्व में भी संप्रेषणगृह से भाग छूटे थे और बाद में पकड़े गये। 

संप्रेषणगृह में 3 महीने में दूसरी घटना-इसी संप्रेषणगृह से बाल अपचारियों की बीते 3 महीनों में यह दूसरी घटना है। इससे पहले 30 अप्रैल को इसी सपं्रेषणगृह से आधा दर्जन बाल अपचारी नाल पर लगा ताला तोडऩे के बाद दीवार फांद कर फरार हो गये थे। इन 6 बाल अपचारियों को दूसरे दिन पुलिस ने ढूंढ निकाला था। तब लॉक डाउन और कर्फ्यू लगा होने से ये अपचारी शहर से बाहर नहीं जा पाये थे। ऐसे में दो को कोठारी नदी, जबकि चार को संतोषी माता मंदिर के आस-पास रेलवे ट्रैक के सहारे से पुलिस ने पकड़ा था।   

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर ध्यान नहीं-दूसरी ओर बालगृह में 3 होमगार्ड मौजूद रहने के बावजूद इस तरह से बच्चों का भाग जाना चिंता का विषय बना हुआ है। गौरतलब है की पूर्व में भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी है बावजूद इसके सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। यही कारण है की सोमवार को एक बार फिर यह घटना घटित हो गई।

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