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माइक्रोमैक्स, लावा और कार्बन जैसी भारतीय फोन कंपनियां एक बार फिर वापसी की तैयारी में हैं, ये कंपनियों कम कीमत वाले स्मार्टफोन लॉन्च करने जा रही हैं

माइक्रोमैक्स, लावा और कार्बन जैसी भारतीय फोन कंपनियां एक बार फिर वापसी की तैयारी में हैं, ये कंपनियों कम कीमत वाले स्मार्टफोन लॉन्च करने जा रही हैं

माइक्रोमैक्स के बाद Lava और Karbonn का फैसला, ला रही सस्ते स्मार्टफोन

शाओमी, ओप्पो और वीवो जैसी चीनी फोन कंपनियों की एंट्री के बाद से पिछले कुछ सालों में पिछड़ चुकी भारतीय फोन कंपनियां एक बार फिर वापसी की तैयारी में हैं। होम-बेस्ड हैंडसेट निर्माता माइक्रोमैक्स, लावा और कार्बन देश में चीन-विरोधी भावनाओं का फायदा उठाते हुए नए स्मार्टफोन लाने की तैयारी कर रही हैं। वहीं, चीनी स्मार्टफोन ब्रैंड्स भी भारत में अपनी विज्ञापन और मार्केटिंग स्ट्रैटजी बदल सकती हैं।

आ रहे 10 हजार से सस्ते फोन

वर्तमान में फीचर फोन सेगमेंट में काम कर रही Karbonn मोबाइल स्मार्टफोन बाजार में फिर से एंट्री करने जा रही है ।ETTelecom की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्बन मोबाइल के कार्यकारी निदेशक कंपनी शशिन देवसरे ने बताया कि कंपनी 10 हजार रुपये के सेग्मेंट वाले स्मार्टफोन ला सकती है। बता दें कि इससे पहले माइक्रोमैक्स भी माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर बजट स्मार्टफोन लाने की घोषणा कर चुकी है। Karbonn भारत में पहले से ही 8 लाख से 10 लाख फीचर फोन बेच रही है।

लावा की भी तैयारी

फीचर फोन और स्मार्टफोन दोनों सेग्मेंट में काम कर रही लावा मोबाइल भी आने वाले दिनों में नए लॉन्च की योजना बना रही है। लावा इंटरनेशनल के सीएमडी, हरि ओम राय ने बताया, ‘जैसा कि भारत मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइन में नंबर 1 देश बनने की तैयारी कर रहा है, हम विश्व स्तर पर जीत हासिल करके भारत को गौरवान्वित करने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। हालांकि, यह एक मैराथन है और स्प्रिंट नहीं है’। एक रिपोर्ट की मानें तो लावा जुलाई में दो स्मार्टफोन लॉन्च कर सकती है। इनमें से एक स्मार्टफोन Lava Z66 होगा, जो 1.20GHz ऑक्टाकोर प्रोसेसर, 3 जीबी की रैम और ऐंड्रॉयड 10 के साथ आएगा।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, जनवरी से मार्च के बीच 81% स्मार्टफोन की शिपमेंट चीनी स्मार्टफोन कंपनियों की हुई है, जबकि माइक्रोमैक्स और लावा जैसे भारतीय ब्रांडों की हिस्सेदारी अब 1 फीसदी है। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के एसोसिएट डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा, ‘अगर स्थानीय कंपनियां #vocalforlocal पिच को पकड़ लेती हैं तो वे मार्केट में वापसी कर सकती हैं।’

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