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मुख्यमंत्राी ने हवाई सर्वे से जाने जिले के हाल

मुख्यमंत्राी ने हवाई सर्वे से जाने जिले के हाल

पानी की निकासी होते ही अविलम्ब पेयजल, विद्युत एवं सडक जैसी मूलभूत सुविधाओं को करें बहाल

धौलपुर 16 सितम्बर। राजस्थान के कोटा बैराज एवं काली सिंध द्वारा चंबल नदी में छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण चंबल नदी का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। चंबल नदी में पानी की आवक को देखते हुए मुख्यमंत्राी अशोक गहलोत महोदय ने सोमवार को जिले के प्रभावित गांवों का हवाई सर्वे कर हालात का जाएजा लिया।

मुख्यमंत्राी अशोक गहलोत महोदय द्वारा आगरा-ग्वालियर नेशनल हाईवे पर स्थित चंबल पुल पहुंचकर बढ़े हुए पानी के स्तर का अवलोकन किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्राी पुलिस लाइन धौलपुर में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि चंबल नदी में पानी कम होने पर प्रभावित गांवो में फसल एवं पशुधन हानि का सर्वे कर शीघ्र ही सरकार के पास सर्वे रिपार्ट भिजवाई जाए। जिससे प्रभावित लोगों को नियमानुसार सरकार द्वारा मदद दी जाए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखें एवं आमजन को तुरन्त राहत प्रदान कि जाए। किसी भी प्रकार की जनहानि को रोकने के प्रयास किए जाए। उन्होंने कहा कि भोजन की पूर्ण व्यवस्था करते हुए मैस आदि की व्यवस्थाऐं सुनिश्चित करते हुए जल भराव वाले स्थानों पर फसे लोगों को एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ टीम द्वारा उनको बाहर निकाला जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार की चाक चौबन्द व्यवस्थाऐं किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में पानी की निकासी होते ही अविलम्ब पेयजल, विद्युत एवं सडक जैसी मूलभूत सुविधाओं को बहाल किया जाये।

मुख्यमंत्राी ने कहा कि प्रभावित बाढ प्रभावित क्षेत्रों में पानी उतरने एवं आसपास के क्षेत्रों के खाली जमीन में पानी भरा रहने के कारण मौसमी बीमारियों के फैलने की संभावना बढ जाती है। ऐसे में चिकित्सा विभाग सहित संबंधित विभाग पूरी तरह से तैयार रहें तथा संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता रखें। उन्होंने निर्देश दिये कि किसी भी क्षेत्रा में बीमारियों की आशंका लगे या सूचना मिले तो तत्काल चिकित्सा टीमों को भेजकर उपचार की व्यवस्था करायें तथा बीमारियों को फैलने से रोका जाये।

जिला कलक्टर नेहा गिरि ने मुख्यमंत्राी महोदय को अवगत कराते हुए बताया कि चंबल में पानी की आवक के कारण जिले की 14 ग्राम पंचायतों के 49 गांव प्रभावित हुए है। वही चंबल में पानी की आवक और अधिक बढ़ने की स्थिति में कुल 69 गांव प्रभावित होगें। उन्होंने बताया कि जिले में चंबल के बढ़ते जल स्तर से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमे काम कर रही है। वहीं आपात स्थिति से निबटने के लिए कैप्टन शेखर पानीगृही के नेतृत्व में सेना की टीम धौलपुर आ चुकी है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन कोटा एवं सवाईमाधोपुर के जिला प्रशासन के साथ सीधे एवं सत्त सम्पर्क में है तथा चंबल में पानी आवक पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रभावित गांवों के लोगों के लिए भोजन, परिवहन एवं चिकित्सा संबंधी व्यवस्थाएं की गई है। उन्होंने कहा कि तेज बहाव के कारण मगरमच्छ आदि जलीय जीव नदी के किनारे बसे गांव में चले जाते है। इसके लिए वन विभाग के अधिकारियों द्वारा एडवाईजरी जारी की गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित इलाकों में कैम्प किए हुए है तथा राहत एवं बचाव कार्य जारी है। चंबल नदी पर स्थित पुल का अवलोकन करने पर अधिशाषी अभियन्ता जल संसाधन विभाग सुरेश चन्द मीणा से पानी की आवक एवं गेज के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर स्वायत्त शासन, नगरीय विकास एवं आवासन, विधि एवं विधिक कार्य और विधि परामर्शी संसदीय मामलात मंत्राी शांति कुमार धारीवाल एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, आपदा प्रबन्धन एवं सहायता विभाग मंत्राी मास्टर भंवरलाल मेघवाल, प्रमुख शासन सचिव सहकारिता विभाग अभय कुमार, सम्भागीय आयुक्त भरतपुर चन्द्र शेखर मूथा, उप महानिरीक्षक पुलिस भरतपुर रेंज लक्ष्मण सिंह गौड़, जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा, बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा, नगर परिषद सभापति कमल कंषाना, शिवचरण कुशवाह, जिला अध्यक्ष साकेत बिहारी, लाखन सिंह खिड़ोरा, दुर्गादत्त शास्त्राी, धर्मेन्द्र शर्मा सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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