Breaking News
Home / उत्तर प्रदेश / मथुरा / मौसम का बदला मिजाज लेकिन कृष्ण भक्तो में प्रेम मंदिर देखने की उत्सुकता – मथुरा

मौसम का बदला मिजाज लेकिन कृष्ण भक्तो में प्रेम मंदिर देखने की उत्सुकता – मथुरा

आज की शाम राधा कृष्ण के नाम

मौसम का बदला मिजाज लेकिन कृष्ण भक्तो में प्रेम मंदिर देखने की उत्सुकता

भगवान श्री कृष्ण की नागरी मथुरा वृंदावन में भगवान कृष्ण राधा काफी लीलाओ का वर्णन है भगवान कृष्ण गोपियो के साथ रास रचाया करते थे और सारी गोपिया भगवान कृष्ण की दीवानी थी तो उसी प्रेम को दरसाने के लिये मथुरा से15 किलोमीटर दूर वृंदावन स्थित प्रेम मंदिर में |

प्रेम मंदिर भारत में उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जिले के समीप वृंदावन में स्थित है। इसका निर्माण जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा भगवान कृष्ण और राधा के मन्दिर के रूप में करवाया गया है। प्रेम मन्दिर का लोकार्पण 17 फरवरी को किया गया था। इस मन्दिर के निर्माण में ११ वर्ष का समय और लगभग 100 करोड़ रुपए की धन राशि लगी है। इसमें इटैलियन करारा संगमरमर का प्रयोग किया गया है और इसे राजस्थान और उत्तरप्रदेश के एक हजार शिल्पकारों ने तैयार किया है। इस मन्दिर का शिलान्यास 14 जनवरी 2001 को कृपालुजी महाराज द्वारा किया गया था।ग्यारह वर्ष के बाद तैयार हुआ यह भव्य प्रेम मन्दिर सफेद इटालियन करारा संगमरमर से तराशा गया है।मन्दिर दिल्ली – आगरा – कोलकाता के राष्ट्रीय राजमार्ग २ पर छटीकरा से लगभग ३ किलोमीटर दूर वृंदावन की ओर भक्तिवेदान्त स्वामी मार्ग पर स्थित है। यह मन्दिर प्राचीन भारतीय शिल्पकला के पुनर्जागरण का एक नमूना है।

राधा-कृष्ण का प्रेम मंदिर वृन्दावन का प्रेम मन्दिर 

प्रेम मंदिर वृंदावन में स्थित है। इसका निर्माण जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा भगवान कृष्ण और राधा के मन्दिर के रूप में करवाया गया है। बाहर से देखने में यह जितना भव्य लगता है, उतना ही अंदर से भी देखने में लगता है। यह मंदिर सफेद इटालियन संगमरमर से बनाया गया है। इसमें प्राचीन भारतीय शिल्पकला की झलक भी देखी जा सकती है।

मंदिर की बनावट:

पूरे मंदिर की बाहरी दीवारों पर श्रीराधा-कृष्ण की लीलाओं को शिल्पकारों ने मूर्त रूप दिया गया है। ये मंदिर वृंदावन की एक अद्वितीय आध्यात्मिक संरचना है. इस मंदिर के ध्वज को मिलाकर इसकी ऊँचाई 125 ft. है जिसमे 190 ft.लम्बा और 128 ft. चौड़ा चबूतरा है. मंदिर के चबूतरे पर एक परिक्रमा मार्ग का निर्माण किया गया है. जिसके द्वारा श्री कृष्ण राधा की लीलाओं के 48 स्तंभों की खूबसूरती का दृश्य देखा जा सकता है

जिनका निर्माण मंदिर की बाहरी दीवारों पर किया गया है. मंदिर की दीवारे 3.25 ft. मोटी है. मंदिर की गर्भ गृह की दीवार की मोटाई 8 ft है जिस पर एक विशाल शिखर, एक स्वर्ण कलश और एक ध्वज रखा गया है. मंदिर की बाहरी परिसर में 84 स्तंभ है जो श्री कृष्ण की लीलाओं को प्रदर्शित करते है जिनका उल्लेख श्रीमद भगवद में किया गया है.ये मंदिर वृंदावन की एक अद्वितीय आध्यात्मिक संरचना है.मंदिर में लगाये गये पैनल को श्रीमद् भगवत गीता से लिया गया है।

इस मंदिर के ध्वज को मिलाकर इसकी ऊँचाई 125 ft. है जिसमे 190 ft.लम्बा और 128 ft. चौड़ा चबूतरा है. मंदिर के चबूतरे पर एक परिक्रमा मार्ग का निर्माण किया गया है. जिसके द्वारा श्री कृष्ण राधा की लीलाओं के 48 स्तंभों की खूबसूरती का दृश्य देखा जा सकता है जिनका निर्माण मंदिर की बाहरी दीवारों पर किया गया है. मंदिर की दीवारे 3.25 ft. मोटी है. मंदिर की गर्भ गृह की दीवार की मोटाई 8 ft है जिस पर एक विशाल शिखर, एक स्वर्ण कलश और एक ध्वज रखा गया है. मंदिर की बाहरी परिसर में 84 स्तंभ है जो श्री कृष्ण की लीलाओं को प्रदर्शित करते है जिनका उल्लेख श्रीमद भगवद में किया गया है.

चारों तरफ कृष्णमयी माहौल:-

प्रेम मंदिर का नजारा इतना अद्भुत है कि इसे देखकर कोई भी राधे-राधे कहे बिना नहीं रह सकता। इसकी अलौकिक छटा भक्तों का मन मोह लेती है। इसमें भक्त वैसे ही खींचे चले आते हैं, जैसे कृष्ण अपनी लीलाओं से सबका मन मोह लिया करते थे। यहां की दीवारों पर हर तरफ राधा-कृष्ण की रासलीला वर्णित है।

प्रेम मंदिर की दिव्यता :-

जैसे ही आप मंदिर के अंदर अपने कदमों को रखते हैं तो आप को एक अलग सा प्रतीत होता है चारों तरफ राधा कृष्णा और उनकी दिव्य छवियाँ आकर्षित करती है जहां उनके बचपन के बारे में दर्शया गया है, माँ यशोदा नंदबाबा ग्वाल बाल सखियों के साथ अद्भुत प्रतिमाये है

बस इतना ही नहीं श्री कृष्ण भगवान की गोपियों के साथ रासलीला करते हुए और जब बाल कृष्ण ने गोवर्धन को अपने कनिष्ठ उंगली पर उठाया था और सभी ब्रज वासियो की इंद्र भगवन के कोप से रक्षा की थी उसकी भी अद्भुत दृश्य को दर्शया गया है।

प्रेम मंदिर में राधा कृष्णा की छवि बहुत ही प्यारी है जिनका दर्शन करके बहुत ही सुकून और शांति मिलती है। और मंदिर के अंदर का प्रागण एक अनोखा ढंग का है और सजावट भी निराली है। राधा कृष्णा के सामने बैठने की भी व्यवस्था है जहा आप बैठ कर मन को उनके चरणों में एकाग्र कर सकते है।

अगर आप वृन्दावन आये तो इस मंदिर आना न भूले खास कर रात का नज़ारा बहुत ही अच्छा होता है। मंदिर की ख़ूबसूरती देखती ही बनती है।

ऐसे ही और भी अद्भुत मंदिर और आध्यात्मिक स्थान है जो हमारे भारत देश को सबसे अलग दर्शाता है।

यहाँ देखें वीडियो👇👇👇👇

About Ravi Verma

Check Also

गिरिराज जी के भजनों पर नाचते हुए नजर आए श्रद्धालु भक्त – मथुरा

गिरिराज जी के भजनों पर नाचते हुए नजर आए श्रद्धालु भक्त एक ही कलर के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *