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रामचरण प्राकट्य महोत्सव शोभायात्रा व कलशयात्रा में उमड़ा श्रृद्धा का ज्वार-भीलवाड़ा

सात दिवसीय महाप्रभु स्वामी रामचरण प्राकट्य महोत्सव का समारोहपूर्वक आगाज

रामचरण प्राकट्य महोत्सव शोभायात्रा व कलशयात्रा में उमड़ा श्रृद्धा का ज्वार

भव्य कलश व शोभायात्रा में दो हजार महिलाएं विशेष परिधान में हुई शामिल

शोभायात्रा व कलश यात्रा का जगह-जगह पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया

शाहपुरा के इतिहास में चार धर्माचार्य एक साथ शामिल हुए किसी शोभायात्रा में 

शाहपुरा (भीलवाड़ा)- मूलचन्द पेसवानी

शाहपुरा स्थित रामनिवास धाम में रामस्नेही संप्रदाय के जन्मदाता महाप्रभु स्वामी रामचरणजी महाराज के सात दिवसीय प्राकट्य त्रिशताब्दी समारोह के मौके पर आज रविवार को धरती देवरा वाटिका से रामनिवास धाम तक निकली विशाल शोभायात्रा व कलश यात्रा में श्रृद्धा का ऐसा ज्वार उमड़ा कि यात्राओं के नाम इसने इतिहास रच दिया। रामस्नेही अनुरागी व कस्बे के भक्त अपने आराध्य के प्रति दृढ आस्था रखते हुए हजारों की तादाद में लोग, लगभग 2 किलोमीटर लंबी शोभायात्रा महाप्रभु स्वामी रामचरण महाराज के रजत रथ व चार धर्माचार्यो के एक साथ दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे थे। रामस्नेही संप्रदाय के जन्मदाता महाप्रभु स्वामी रामचरणजी महाराज के सात दिवसीय प्राकट्य त्रिशताब्दी समारोह 2 फरवरी से 8 फरवरी तक आयोजित होगा। इसमें प्रतिदिन प्रातः व अपरान्ह में प्रवचन और धर्मसभा होगी तथा रात्रि में भजनसंध्या, कवि सम्मेलन व विद्वत संगोष्ठि होगी। इस महोत्सव को लेकर शाहपुरा नगर व रामनिवास धाम को दुल्हन की तरह से सजाया गया है। शाहपुरा को दुल्हन की तरह से सजाया जाकर जगह जगह गुलाबी व भगवा पताकाओं से सजाया गया है। 

आज की शोभायात्रा में जगतगुरू निम्बार्काचार्य पीठाधीश्वर अनन्त श्रीविभूषित स्वामीजी श्री श्री श्यामशरण देवाचार्यजी श्रीजी महाराज सलेमाबाद निम्बार्कनगर, जगतगुरू रामानुजाचार्य अनन्त श्रीविभूषित स्वामीजी श्री श्रीधराचार्य महाराज अशर्फी भवन अयोध्या, खेड़ापा रामस्नेही सम्प्रदायाचार्य अनन्त श्रीविभूषित स्वामीजी श्रीपुरूषोतमदासजी महाराज खेड़ापा व शाहपुरा रामस्नेही सम्प्रदायाचार्य अनन्त श्रीविभूषित जगतगुरू स्वामीजी श्री रामदयालजी महाराज विशेष आकर्षक रथ में सवार थे तथा उनके साथ काफी तादाद में संतगण भी शामिल हुए। शाहपुरा के वाशिंदों की ओर से शोभायात्रा में शामिल हुए इन धर्माचार्यो व संतों की भव्य पधरावणी की गई तथा उनको कलश यात्रा व शोभायात्रा के रूप में धरती देवरा वाटिका से रामनिवास धाम तक मंगलगान गाते हुए लाकर रामनिवास धाम में प्रवेश कराया गया। शोभायात्रा व कलश यात्रा में लगभग 2 हजार से ज्यादा महिलाएं सिर पर कलश लेकर मंगल गान करती हुई चल रही थी तो पुरूष व युवा वर्ग नाचते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा व कलश यात्रा में शामिल महिला पुरूष विशेष रंग की गणवेश में होने के कारण अलग ही अन्दाज में आकर्षक नजारे बिखर रहे थे। शोभायात्रा के रास्ते में जगह जगह शाहपुरा के वाशिंदों द्वारा धर्माचार्यो का स्वागत आरती वंदना के साथ किया गया।

समूचे शाहपुरा की महाप्रसादी का आयोजन

आज प्राकट्य महोत्सव के पहले दिन रविवार को शोभायात्रा के बाद रामनिवास धाम में हुई प्रवचन व धर्म सभा के बाद शाहपुरा के वाशिंदों की महाप्रसादी का आयोजन किया गया। इसमें शाहपुरा के हर समाज, वर्ग के हर तबके के व्यक्ति ने भागीदारी निभाते हुए न केवल प्रसादी ग्रहण की वरन वहां पर अपनी सेवाएं भी हर वर्ग के नागरिकों ने दी। आज लगभग 30 हजार लोगों की प्रसादी का आयोजन किया गया था। 

शाहपुरा के इतिहास में मील का पत्थर बनी शोभायात्रा

शाहपुरा के इतिहास में मील का पत्थर बनी आज की शोभायात्रा का पहला छोर बालाजी की छतरी पर था तो उसका अंतिम छोर रामनिवास धाम से कुछ दूरी पर था। शोभायात्रा व कलशयात्रा में बैंड बाजों, ढोल नंगाड़ो, डी जे साउण्ड के साथ रामस्नेही अनुरागी व भक्तजन शामिल होकर नाचते गाते हुए चल रहे थे। कलश यात्रा में महिला व पुरूष आकर्षक विशेष परिधान में शामिल हुए। इस शोभायात्रा का मुख्य उदेश्य महाप्रभु स्वामी रामचरण प्राकट्य त्रिशताब्दी महोत्सव के लिए जनजागरण करना था। शोभायात्रा में सबसे आगे ध्वज, ढोल पार्टी, हाथी, ऊंट व घोड़े पर सवारों के हाथ में लहराती धर्म ध्वजाएं, धर्माचार्यो के रथ, महाप्रभु स्वामी रामचरण महाराज का रजत रथ, दरबार बैंड के मंगल ध्वनियों का वादन करते बैण्ड वादक और रामस्नेही अनुरागी व उनके पीछे-पीछे चलते महाप्रभु गुरू महिमा का गुणगान करते, महाप्रभु रामचरणजी महाराज की जय-जयकार करते भक्तजन, सिर पर मंगल कलश धारण किये महिला मंडल की महिलाएं शोभायात्रा के मुख्य आकर्षण रहे। वहीं शहरभर में शोभायात्रा व धर्माचार्यो का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। शोभायात्रा में बैंड की धुन एवं ढ़ोल की थाप पर गुरूभक्त युवा वर्ग जगह-जगह पर झूमते नजर आये। हाथों में ध्वज पताका लिए नन्हे मुन्ने बालक शोभायात्रा को शोभायमान कर रहे थे। सिर पर कलश धारण किए महिलाएं चल रही थी। भजनों पर नृत्य करती युवतियां महिलाएं यात्रा में श्रद्धा का भाव भर रही थी। वहीं श्रद्धालु भगवान का विमान कंधों पर धारण किए श्रद्धा की हिलोरों के साथ बढ़ रहे थे। कार्यक्रम में बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ भाग लिया।

सुंदर अद्भुत व अकल्पनीय रही यात्रा

इस शोभायात्रा व कलशयात्रा के सम्बन्ध में कई जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि वास्तव में यह पदयात्रा सुंदर, अद्भुत व अकल्पनीय कही जा सकती है। जिसमें हर समाज के प्रत्येक आयुवर्ग के लोगों ने पूरी श्रृद्धा और उत्साह के साथ उत्साह व उमंग के साथ भाग लिया। थकान भरी इस यात्रा के बावजूद सभी के चेहरों पर खुशी और श्रृद्धा ने उनकी अपने आराध्य के प्रति आगाध आस्था को प्रकट किया है।

मार्ग में जगह-जगह हुआ स्वागत

महाप्रभु स्वामी रामचरण प्राकट्य त्रिशताब्दी महोत्सव केंद्रिय सेवा समिति के प्रवक्ता ने बताया कि आज इस विशाल शोभायात्रा व कलश यात्रा का धरती देवरा वाटिका से रामनिवास धाम के रास्ते में नगर पालिका मंडल, माहेश्वरी समाज, पोरवाल समाज, लखारा समाज, सिंधी पंचायत, झूलेलाल सेवा समिति, झूलेलाल महिला सेवा समिति, खटीक समाज, श्रीरामचरित मानस मंडल, श्याम सेवा समिति शाहपुरा, धाकड़ समाज, रेगर व बैरवा समाज, ब्राह्मण समाज, जैन समाज सहित शाहपुरा के विभिन्न समाजों, सामाजिक संगठनों, स्वंयसेवी संस्थाओं स्वागत एंव धर्माचार्यो की पूजा अर्चना कर अगवानी की गई।

3 फरवरी को ये धर्माचार्य आयेगें प्राकट्य महोत्सव में

महाप्रभु स्वामी रामचरण प्राकट्य त्रिशताब्दी महोत्सव के दूसरे दिन 3 फरवरी सोमवार को प्रातकालीन 9 बजे की प्रवचन धर्मसभा में रेवासा के जगतगुरू अग्रपीठाधीश्वर अनन्त विभूषित स्वामीश्री श्रीराघवाचार्यजी महाराज व अमरज्ञान निरंजनी आश्रम शक्करगढ के महामंडलेश्वर अनन्त विभूषित स्वामीश्री जगदीशपुरीजी महाराज के प्रवचन होगें। इस दौरान रामस्नेही संत रामशरणजी महाराज व संत ईश्वररामजी महाराज आलोट के प्रवचन भी होगें। इसी प्रकार सोमवार को मध्यान्ह में 2 बजे की प्रवचन सभा में वेदान्ताचार्य सनातन आर्श विद्या प्रतिष्ठान इन्दौर के महामंडलेश्वर अनन्त विभूषित स्वामीश्री प्रणवानन्दजी महाराज, चिन्मय मिशन इन्दौर के अनन्त विभूषित स्वामीश्री प्रबुद्धानन्दजी महाराज के प्रवचन होगें। सोमवार को रात्रिकालीन कार्यक्रम में रात 8 बजे भजन सम्राट प्रकाश माली एंड पार्टी बालोतरा की ओर से आकर्षक भजन संध्या का आयोजन होगा। सभी कार्यक्रमों में शाहपुरा रामस्नेही सम्प्रदायाचार्य अनन्त श्रीविभूषित जगतगुरू स्वामीजी श्री रामदयालजी महाराज का सानिध्य व आर्शिवचन होगा। 

ये कार्यक्रम होगें प्रतिदिन

महाप्रभु स्वामी रामचरण प्राकट्य त्रिशताब्दी महोत्सव केंद्रिय सेवा समिति के मंत्री डा. संत रामस्वरूप शास्त्री बाडमेर ने बताया कि शाहपुरा रामनिवास धाम में 7 फरवरी तक प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा अपरान्ह में 2 से 5 बजे तक प्रवचन होगें। रात्रि में 8 से 11 बजे तक रात्रि कार्यक्रम भी होगा। 3 फरवरी को रात्रि में भजन सम्राट प्रकाश माली एंड पाटी की भजन संध्या, 4 फरवरी को रामस्नेही संप्रदाय पर राष्ट्रीय सेमीनार, 5 फरवरी को अध्यात्मिक अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व 6 फरवरी को स्वरूपा महिला मंडल शाहपुरा व भीलवाड़ा की सदस्याओं द्वारा भजन सरिता का कार्यक्रम होगा। 7 फरवरी को प्रातः शाहपुरा में प्रवचन होगा तथा रात्रि जागरण सोड़ा श्री रामस्नेही धाम में होगा।

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