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सूर्यग्रहण 2020: 38 साल बाद दिखेगा अद्भुत नजारा, दिन में होगी ‘रात’

सूर्यग्रहण 2020: 38 साल बाद दिखेगा अद्भुत नजारा, दिन में होगी ‘रात’

Solar Eclipse 2020: देश में रविवार को सूर्यग्रहण (Solar Eclipse on Sunday) लगने जा रहे है। ये ग्रहण रविवार को सुबह 9:15 से शुरू होकर दिन में 3:04 बजे तक रहेगा। इस सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse Time) की अवधि लगभग 6 घंटे की रहेगी। सूर्य ग्रहण (How to see Solar Eclipse) को नग्न आंखों से देखना हानिकारक हो सकता है इसलिए बिना पूरी सुरक्षा अपनाए सूर्य ग्रहण को सीधे न देखें।

देश में रविवार को लगने जा रहे सूर्यग्रहण (Solar Eclipse 2020) के बाद प्राकृतिक आपदा, महामारी जैसे अमंगलों में कमी आएगी और मंगल होगा। इसका तात्पर्य है कि कोरोना का संकट (Coronavirus Crisis) भी अब चरम पर पहुंचने के बाद दूर होने लगेगा। यह दावा श्रीमाता शीतला देवी श्राइन बोर्ड के पूर्व सदस्य और आचार्य पुरोहित संघ के अध्यक्ष पंडित अमरचंद भारद्वाज ने किया है। वहीं, एमिटी यूनिवर्सिटी गुड़गांव में डिपार्टमेंट ऑफ एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रफेसर मनीष कुमार भारती ने बताया कि 1982 के बाद ये पहला मौका है जब चक्राकार सूर्य ग्रहण और ग्रीष्म संक्रांति एक ही दिन पर पड़ेंगी। अगली बार ऐसा अवसर 21 जून, 2039 को आएगा।

रविवार को सूर्य ग्रहण

ये ग्रहण रविवार को सुबह 9:15 से शुरू होकर दिन में 3:04 तक रहेगा। इस सूर्य ग्रहण की अवधि लगभग 6 घंटे की रहेगी। दोपहर 12:10 पर ये ग्रहण अपने शिखर पर होगा जहां चन्द्रमा सूर्य के लगभग 99 प्रतिशत भाग को ढक लेगा। हालांकि ये सिर्फ कुछ ही सेकंड के लिए होगा। इस सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से देखना हानिकारक हो सकता है इसलिए बिना पूरी सुरक्षा अपनाए सूर्य ग्रहण को सीधे न देखें। सूर्य ग्रहण को सीधे देखने के लिए केवल अंतरराष्ट्रीय आईएसओ 12312-2 मानक वाले चश्मों का ही प्रयोग करें। सूर्य से निकलने वाली यूवी किरणें स्थायी अंधेपन का कारण बन सकती हैं।

दुनिया का अंतिम दिन नहीं है यह

लोगों ने इस सूर्य ग्रहण को मायन कैलंडर से जोड़कर इस दिन को दुनिया का अंतिम दिन बताना शुरू कर दिया है। मायन कैलंडर के अनुसार, दुनिया 21 दिसंबर 2012 को खत्म होनी थी। अब 21 जून 2020 को वही दिन होने की अफवाहें उड़ाई जा रही हैं, जिन्हें नासा ने पूरे तरीके से नकार दिया है।

पंडितों के अनुसार 12 घंटे पहले ही लग जाएगा सूतक

सूर्य ग्रहण के संबंध में पंचांग दिवाकर में दिए गए तथ्यों के आधार पर पंडित अमरचंद ने कहा कि आषाढ़ कृष्ण अमावस्या रविवार 21 को मृगशिरा नक्षत्र व मिथुन राशि में यह खंडग्रास कंकण सूर्यग्रहण लगेगा। यह चूड़ामणि योग में लग रहा है। ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले ही 20 जून शनिवार रात 9:16 से प्रारंभ हो जाएगा। पंडित अमरचंद ने बताया कि सूर्य ग्रहण शुरू होने के समय ही स्नानादि, संकल्प व जप करने के साथ मध्यकाल में हवन पूजन व पाठ करें। ग्रहण की समाप्ति पर स्नान करके दान पुण्य करें। इसके अलावा सूर्य ग्रहण के समय सूर्य उपासना, हृदय स्त्रोत और सूर्य स्त्रोत आदि का पाठ करें।

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