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PM नरेंद्र मोदी पहुंचे लद्दाख, CDS विपिन रावत से समझा पूरा नक्शा

पूर्वी लद्दाख में भारतीय एवं चीनी बलों के बीच हिंसक झड़प के कुछ दिनों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के साथ शुक्रवार को लेह पहुंचे। पीएम मोदी सुबह करीब साढ़े नौ बजे लेह पहुंचे।

लद्दाख

पूर्वी लद्दाख में भारतीय एवं चीनी बलों के बीच हिंसक झड़प के कुछ दिनों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के साथ शुक्रवार को लेह पहुंचे। पीएम मोदी सुबह करीब साढ़े नौ बजे लेह पहुंचे। प्रधानमंत्री निमू भी गए। यहां उन्होंने थलसेना, वायुसेना एवं आईटीबीपी के कर्मियों से बात की। सिंधु नदी के तट पर 11,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित निमू सबसे दुर्गम स्थानों में से एक है। यह जंस्कार पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ है।

चीन पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं पीएम

गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार चीन पर दबाव बनाए हुए हैं। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने 59 चीनी ऐप्स को भारत में बैन कर दिया है। साथ ही कई चीनी कंपनियों को दिए गए ठेके ले लिए गए हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद लद्दाख पहुंचे हैं। यहां उन्होंने भारत और चीन सीमा की जमीनी हकीकत को समझा। चीन भारत के किन हिस्सों पर कब्जा जमाए है, वह भारत के किन हिस्सों पर अपनी दावेदारी बताता है, इन सारी बातों को पीएम मोदी ने लद्दाख पहुंचकर समझने की कोशिश की। सीडीएस विपिन रावत ने पीएम को विस्तार से बताया कि चीन कहां बदमाशी कर रहा है।

सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत-चीन बॉर्डर की हकीकत समझने के बाद और भी कठिन कदम उठा सकते हैं। इसके संकेत पीएम ने मन की बात कार्यक्रम में भी दिया था। पीएम मोदी चीन के लिए दुष्ट शब्द तक प्रयोग कर चुके हैं। हालांकि पीएम की ओर से अभी तक सीधे-सीधे अटैक नहीं किया गया है।

लद्दाख में सीमा विवाद पर यूएस भारत के साथ

सीमा विवाद को लेकर लद्दाख में मनमानी कर रहे चीन की निंदा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कर चुके हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की आक्रामक कार्रवाई को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के ‘असली चरित्र’ की पुष्टि के रूप में देखते हैं।

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